सिंगापुर के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक बिलाहारी कौसिकन ने पाकिस्तान को लेकर चल रही चर्चाओं पर एक तीखी और स्पष्ट टिप्पणी की है। लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को “फेल्ड स्टेट” (विफल राष्ट्र) कहना और इस तरह की बहसों में उलझे रहना “समय की बर्बादी” है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एक बातचीत के दौरान कौसिकन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस्तेमाल होने वाले ऐसे कठोर लेबल्स पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि किसी भी देश को केवल एक टैग के आधार पर परिभाषित करना न तो उपयोगी है और न ही इससे किसी ठोस समाधान की दिशा मिलती है। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की चर्चाएँ अक्सर वास्तविक विश्लेषण से ध्यान भटका देती हैं।
बिलाहारी कौसिकन को अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक मामलों का एक व्यावहारिक और स्पष्ट दृष्टिकोण रखने वाला विशेषज्ञ माना जाता है। उनके अनुसार, वैश्विक राजनीति को भावनात्मक या प्रचारात्मक शब्दों से नहीं, बल्कि रणनीतिक और व्यावहारिक दृष्टि से समझना चाहिए।
पाकिस्तान को लेकर उनकी यह टिप्पणी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वैश्विक मंचों पर उसे लेकर “फेल्ड स्टेट” जैसी अवधारणाएँ समय-समय पर उठती रहती हैं। हालांकि कौसिकन का तर्क है कि ऐसे शब्द जटिल राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को सरल और सीमित दायरे में बांध देते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के उस स्कूल से जुड़ा है, जो देशों को उनके संकटों के आधार पर खारिज करने के बजाय व्यावहारिक हितों और वास्तविकताओं के आधार पर देखने पर जोर देता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दक्षिण एशिया की राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियाँ लगातार वैश्विक चर्चा का विषय बनी हुई हैं, और पाकिस्तान अपनी आंतरिक चुनौतियों तथा रणनीतिक स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय विमर्श में बना हुआ है।













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