डेस्क : संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। हालांकि सत्र की तिथियों पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। संसदीय कार्य संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) की मंजूरी के बाद सरकार इसकी औपचारिक घोषणा करेगी।
प्रस्तावित मानसून सत्र राजनीतिक और विधायी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान सरकार कई अहम विधेयकों को संसद के दोनों सदनों में पेश कर सकती है। इनमें महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों सहित अन्य लंबित विधेयक शामिल हो सकते हैं। साथ ही विभिन्न नीतिगत और आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विपक्ष विभिन्न समसामयिक राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर देगी।













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