डेस्क : ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान राजधानी तेहरान में आयोजित शोक समारोह प्रतिशोध के नारों से गूंज उठा। ग्रैंड मोसल्ला प्रार्थना परिसर में जुटी भारी भीड़ ने “अमेरिका मुर्दाबाद”, “इज़राइल मुर्दाबाद” और “किल ट्रंप” जैसे नारे लगाए। समारोह में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ खुलेआम हत्या की अपील वाले पोस्टर और नारे भी दिखाई दिए।
मध्य-पूर्व युद्ध के कारण चार महीने से अधिक समय तक टले इस अंतिम संस्कार का आयोजन ईरान ने एक सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रीय शोक कार्यक्रम के रूप में किया है। इस दौरान खामेनेई के साथ युद्ध के पहले दिन मारे गए उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी जा रही है।
प्रतिशोध के नारों से गूंजा समारोह
रविवार सुबह आयोजित जनाज़े की नमाज़ में शामिल होने के लिए हजारों लोग रात से ही ग्रैंड मोसल्ला परिसर में जुट गए थे। ईरानी तिरंगे, लाल प्रतिशोध ध्वज और खामेनेई के चित्र लिए लोगों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
समारोह का संचालन कर रहे कवि मोहम्मद रसूली ने मंच से कहा, “अब कफ़न ही हमारा वस्त्र है। मैं उनके खून की कसम खाकर कहता हूँ कि ट्रंप की हत्या हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी कहा कि “जिस व्यक्ति ने हमारे इमाम की हत्या की, उसे जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
समारोह में शामिल 29 वर्षीय किराना दुकानदार गुलामरेज़ा साबूनी ने कहा कि “उन्होंने हमारे इमाम को मार डाला। अब हमें उनके नेता ट्रंप से बदला लेना चाहिए।”
ईरान के आर्मेनिया स्थित राजदूत खलील शिरघोलामी ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि “लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। आपने अयातुल्ला खामेनेई को मारा है, लेकिन उनकी विचारधारा अब और व्यापक हो गई है।”
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाघेर ज़ोलघद्र ने कहा कि जनता दो संदेश दे रही है—दुश्मनों के खिलाफ प्रतिरोध और अपने शहीद नेता के खून का बदला।
शीर्ष नेतृत्व ने दिखाई एकजुटता
अंतिम संस्कार में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर क़ालिबाफ, कुद्स फ़ोर्स के प्रमुख इस्माइल क़ानी, रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी तथा नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के भाइयों मसूद, मेयसाम और मुस्तफ़ा भी मौजूद रहे।
हालांकि नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई समारोह में दिखाई नहीं दिए। माना जा रहा है कि अपने पिता पर हुए हमले के दौरान घायल होने के बाद वे सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
पूरे सप्ताह चलेगा अंतिम संस्कार
97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने जनाज़े की नमाज़ अदा कराई। खामेनेई के साथ उनकी पुत्रवधू ज़हरा हद्दाद आदेल और 14 माह की पोती ज़हरा मोहम्मदी गोलपायगानी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी गई। मासूम बच्ची के छोटे ताबूत ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
सोमवार को खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान की सड़कों से अंतिम यात्रा के रूप में निकाला जाएगा। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न शहरों और पड़ोसी इराक ले जाया जाएगा। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में किया जाएगा, जो उनका जन्मस्थान भी है।
तनाव बरकरार
अंतिम संस्कार ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम के बावजूद तनाव बना हुआ है। ईरान होरमुज़ जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण की मांग दोहरा रहा है, जबकि अमेरिका इसे स्वीकार करने से इनकार कर रहा है। दोनों देशों के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान में हिज़्बुल्लाह से जुड़े मुद्दों पर भी मतभेद जारी हैं।
अमेरिकी नौसेना की देखरेख वाले बहुराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, पिछले 72 घंटों में अमेरिका ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से 70 समुद्री जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कराई है। हालांकि समुद्री यातायात अभी भी युद्ध-पूर्व स्तर से कम है और क्षेत्र में खतरे का स्तर “उच्च” बना हुआ है।













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