जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ हुई बातचीत के परिणामों को व्यापक, महत्वपूर्ण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और इंडोनेशिया की दोस्ती नई ऊंचाइयों को छुएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इस यात्रा के परिणाम व्यापक, ठोस और दूरदर्शी हैं। भारत-इंडोनेशिया मित्रता आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयां हासिल करती रहेगी।”
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 20 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
इन समझौतों में रक्षा, खनिज, अंतरिक्ष, कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग से रक्षा क्षेत्र को मजबूती
भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को लेकर सहयोग समझौता हुआ है। यह समझौता भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योग की क्षमता को दर्शाता है और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देगा। इसके अलावा एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग से भारत के रक्षा निर्यात और स्वदेशी मिसाइल तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
IIM बेंगलुरु का इंडोनेशिया में खुलेगा कैंपस
भारत की प्रतिष्ठित संस्था Indian Institute of Management Bangalore का कैंपस इंडोनेशिया के सिंगहासारी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में स्थापित किया जाएगा। यह भारत की शैक्षणिक उत्कृष्टता को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण खनिज और स्टील क्षेत्र में सहयोग
दोनों देशों ने खनिज और स्टील सप्लाई चेन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके तहत खनिज संसाधनों, उन्नत निष्कर्षण तकनीक और प्रसंस्करण के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा Steel Authority of India Limited (SAIL) और इंडोनेशिया की PT Krakatau Steel के बीच स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी पर भी सहमति बनी है।
समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए समझौते का विस्तार किया है। इससे तटरक्षक बलों के बीच तालमेल, समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान और क्षमता निर्माण को मजबूती मिलेगी।
भारत और इंडोनेशिया के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के बीच हुए समझौते से प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तकनीक और अनुभव साझा किए जाएंगे।
अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में नई साझेदारी
भारत और इंडोनेशिया ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इससे संयुक्त शोध, तकनीकी आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि क्षेत्र में सहयोग के तहत टिकाऊ खेती, कृषि तकनीक और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े क्षेत्रों में काम किया जाएगा। भारत इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज भी उपलब्ध कराएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों के बीच चिकित्सा उत्पादों के नियमन और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण को लेकर सहयोग बढ़ेगा।
डिजिटल तकनीक और नवाचार में साझेदारी
भारत के Open Network for Digital Commerce (ONDC) और इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क के बीच सहयोग से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।
टैगोर और की हजर देवानतारा की विरासत को मिलेगा सम्मान
दोनों देशों ने रवींद्रनाथ टैगोर और इंडोनेशिया के शिक्षाविद् की हजर देवानतारा की साझा शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए “टैगोर-देवानतारा वर्ष” मनाने पर भी सहमति जताई है। इसके तहत सांस्कृतिक, शैक्षणिक और जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। रक्षा, शिक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग के नए समझौते भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई दिशा देंगे।













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