डेस्क : जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्कूलों में उपलब्ध किताबों और शैक्षणिक सामग्री को लेकर सख्त कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों सहित शैक्षणिक संस्थानों को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके यहां मौजूद किताबों में कोई आपत्तिजनक या अनुचित सामग्री शामिल नहीं है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को अपनी लाइब्रेरी, कक्षाओं और अन्य स्थानों पर रखी पुस्तकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन को जांच के बाद एक अनुपालन प्रमाण पत्र जमा करना होगा, जिसमें यह पुष्टि करनी होगी कि संस्थान में उपलब्ध किताबें निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं।
प्रशासन का यह कदम कुछ स्कूलों में कथित रूप से विवादित सामग्री वाली किताबें मिलने के बाद उठाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान यदि किसी पुस्तक में आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है तो उसकी पूरी जानकारी, जिसमें पुस्तक का नाम, लेखक, प्रकाशक और प्रतियों की संख्या शामिल हो, उपलब्ध कराई जाए।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में ऐसी ही अध्ययन सामग्री रखी जानी चाहिए जो छात्रों की उम्र और शिक्षा के निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।













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