डेस्क : पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात को लेकर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी नेता ने सेना की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आसिम मुनीर को वर्दी उतारने की चुनौती दी और कहा कि यदि बलूचिस्तान की स्थिति पर नियंत्रण नहीं है तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
नेता ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। आए दिन सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले हो रहे हैं, लेकिन सरकार और सेना हालात को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती हिंसा यह दर्शाती है कि मौजूदा सुरक्षा रणनीति पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी निभाने में यदि सेना सफल नहीं हो पा रही है तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके अनुसार बलूचिस्तान में हालात लगातार सरकार के नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और इस मुद्दे पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठनों द्वारा सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर कई बड़े हमले किए गए हैं। इन घटनाओं के बाद विपक्ष लगातार सरकार और सेना की नीतियों की आलोचना कर रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ अभियान पूरी मजबूती से जारी है।
इस बयान के बाद पाकिस्तान में सेना की भूमिका, आंतरिक सुरक्षा और बलूचिस्तान की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।













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