डेस्क : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, 13 जुलाई को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या समुद्री मार्ग प्रभावित होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर तेल, गैस और परिवहन लागत पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक संकट जारी रहने पर ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। उपभोक्ताओं को मौजूदा कीमतों पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों के साथ-साथ भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
सरकार भी ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सतर्क है और वैश्विक स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है। आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल भारत में ईंधन कीमतों के लिए अहम साबित हो सकती है।













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