डेस्क : ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते संकट के बीच वैश्विक कच्चे तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है। इसका असर पाकिस्तान में देखने को मिला है, जहां सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद अब भारत में भी ईंधन कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के दाम में बढ़ोतरी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को इस वृद्धि की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से उन देशों पर दबाव बढ़ता है, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं।
भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहता है और कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं तो आने वाले समय में घरेलू ईंधन कीमतों पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत दुनिया के बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी बड़े बदलाव का असर परिवहन लागत, महंगाई और आम उपभोक्ताओं के खर्च पर पड़ सकता है।
फिलहाल भारतीय उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है, लेकिन मध्य-पूर्व के हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर सरकार और तेल कंपनियों की नजर बनी हुई है।













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