नई दिल्ली:सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। दरअसल, मार्च 2023 तक बैंक अपने कई ब्रांचेज को बंद या विलय करने वाला है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बैंक अपने वित्तीय सेहत में सुधार के लिए 13 फीसदी शाखाओं को बंद करने की योजना बना रहा है।
मार्च 2023 के अंत तक घाटे में चल रही शाखाओं को बंद या विलय करके शाखाओं की संख्या को 600 तक कम करने की योजना है। यह बैंक द्वारा अपने वित्तीय सेहत में सुधार के लिए सबसे कठोर कदम बताया जा रहा है। इसके बाद बैंक की रियल एस्टेट जैसी गैर-प्रमुख संपत्तियों की बिक्री की योजना पर काम किया जा सकता है। 100 साल से अधिक पुराने इस बैंक के पास वर्तमान में 4,594 शाखाओं का नेटवर्क है।
आरबीआई ने की थी कार्रवाई: साल 2017 में सेंट्रल बैंक के साथ अन्य 12 बैंकों को आरबीआई की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के तहत रखा गया था। आरबीआई ने बैंक की वित्तीय सेहत में गड़बड़ी को देखते हुए ये कार्रवाई की थी। तब से सेंट्रल बैंक को छोड़कर सभी उधारदाताओं ने अपने वित्तीय सेहत में सुधार किया है और आरबीआई की पीसीए सूची से बाहर आ गए हैं।
हालांकि, सेंट्रल बैंक को अब भी संघर्ष करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पीसीए के तहत एक बैंक को नियामक द्वारा अधिक जांच का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा उधार और जमा प्रतिबंध, शाखा विस्तार आदि पर रोक लगा दी जाती है।
इसके अलावा आरबीआई ने ग्राहकों के हितों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
दिसंबर तिमाही के नतीजे: बीते वित्त वर्ष के दौरान दिसंबर तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 69 फीसदी की वृद्धि के साथ 279 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक ने एक साल पहले इसी अवधि में 165 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
इस दौरान कुल आय बढ़कर 6,666.45 करोड़ रुपये हो गई। ब्याज से होने वाली शुद्ध आय भी बढ़कर 2,746 करोड़ रुपये हो गई जो एक वर्ष पहले इस अवधि में 2,228 करोड़ रुपये थी। वहीं, बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) 15.16 फीसदी घट गई।













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