वाशिंगटन/तेल अवीव: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने इज़राइल को सैन्य सहायता भेजने की गति तेज कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य ठिकानों से गोला-बारूद और हथियारों से लदे कई कार्गो विमान इज़राइल पहुंचे हैं। इस घटनाक्रम को क्षेत्र में संभावित बड़े सैन्य अभियान की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जर्मनी स्थित अमेरिकी अड्डों से उड़ान भरने वाले सैन्य विमानों के माध्यम से इज़राइल को बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। हाल के दिनों में अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ाई है, जिसमें लड़ाकू विमान, ईंधन भरने वाले टैंकर और अन्य सैन्य संसाधन शामिल हैं।
इज़राइली मीडिया के अनुसार, क्षेत्रीय हालात को देखते हुए सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष की आशंकाओं के बीच यह सैन्य सहायता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि वार्ता में जल्द प्रगति नहीं हुई तो तेहरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत तथा क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों को लेकर बातचीत अब तक किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार पर कठोर नियंत्रण स्वीकार करे, जबकि ईरान आर्थिक प्रतिबंध हटाने और विदेशी संपत्तियों की रिहाई जैसी मांगों पर अड़ा हुआ है। दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध ने पूरे पश्चिम एशिया में अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव इसी प्रकार बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।













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