डेस्क। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक को लेकर फिर से हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी से कुछ सवाल पूछे हैं। साथ ही राहुल गांधी ने यह भी पूछा है कि आखिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा है? राहुल गांधी ने अपनी इस पोस्ट में लिखा है कि बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? गौरतलब है कि नीट पेपर लीक में सीबीआई बड़े पैमाने पर छानबीन में जुटी है। अभी तक दो मास्टरमाइंड समेत करीब दर्जन भर आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है।
पोस्ट में आगे क्या लिखा
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है कि साल 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ। उस साल परीक्षा भी रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा भी नहीं दिया। सीबीआई ने जांच बिठाई। एक कमेटी बनी। इसके बाद साल 2026 में भी पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने फिर इस्तीफ़ा नहीं दिया। CBI फिर जांच कर रही है। एक और कमेटी बनेगी। इसके बाद राहुल गांधी ने लिखा है कि मोदी जी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है – जवाब दो! बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? बार-बार इस ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर आप चुप क्यों हैं? बार-बार फेल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं?
कमजोर हो रहा है भरोसा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हो रहा है तथा प्रधानमंत्री को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए। गौरतलब है कि नीट-स्नातक परीक्षा के पेपर लीक मामले में एनटीए से जुड़े एक सरकारी कर्मचारी की कथित भूमिका सीबीआई की जांच के दायरे में आ गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने 14 मई को गिरफ्तार की गई आरोपी मनीषा संजय वाघमारे और उसके अगले दिन गिरफ्तार किए गए रसायन विज्ञान के व्याख्याता पी.वी. कुलकर्णी की हिरासत मांगते हुए अपना मामला प्रस्तुत किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि वाघमारे ने अन्य आरोपी व्यक्ति और “एनटीए से जुड़े लोक सेवक के साथ मिलकर” 27 अप्रैल को प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त किए थे।
अब तक क्या हुआ है
एजेंसी का आरोप है कि वाघमारे, जीव विज्ञान की व्याख्याता मनीषा मंधारे के माध्यम से कुलकर्णी को जानते थे। मनीषा मंधारे को सीबीआई ने शनिवार को गिरफ्तार किया। एजेंसी का आरोप है कि वाघमारे ने कथित तौर पर कुलकर्णी से प्रश्न एकत्र किए और उन्हें अहिल्यानगर से गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी धनंजय लोखंडे और अन्य आरोपियों को मौद्रिक लाभ के बदले में उपलब्ध कराया। लोखंडे पर प्रश्नों को वितरित करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि रसायन विज्ञान के हस्तलिखित प्रश्न, जिन्हें कुलकर्णी ने उम्मीदवारों के साथ साझा किया था, नष्ट कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि वाघमारे ने तीन मई को परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र नष्ट कर दिए थे।
सीबीआई ने जीव विज्ञान के व्याख्याता मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया है, जो 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक के लिए एनटीए की प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के सदस्य थे। उन्होंने बताया कि कथित मुख्य आरोपी कुलकर्णी और अन्य आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ के बाद मंधारे को यहां गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वह कथित तौर पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) से जुड़ी परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थीं और एनटीए द्वारा विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त की गई थीं।













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