अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट हुए ड्रोन हमले को “आतंकी कार्रवाई” बताते हुए कहा है कि देश को ऐसे हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से बातचीत के दौरान यह बात कही।
यूएई विदेश मंत्रालय के अनुसार, अल धफरा क्षेत्र स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी हिस्से में ड्रोन गिरने से एक विद्युत जनरेटर में आग लग गई। हालांकि घटना में किसी के हताहत होने या विकिरण रिसाव की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र की सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रही और स्थिति शीघ्र नियंत्रण में ले ली गई।
विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नागरिक प्रतिष्ठानों और परमाणु ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यूएई अपनी संप्रभुता, नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है।
वहीं, IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले वैश्विक परमाणु सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। एजेंसी ने पुष्टि की है कि संयंत्र में रेडिएशन स्तर सामान्य बना हुआ है और सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं सुचारु रूप से काम कर रही हैं।
यूएई रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, देश की पश्चिमी दिशा से तीन ड्रोन दाखिल हुए थे। इनमें से दो को वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया, जबकि एक ड्रोन संयंत्र के निकट पहुंच गया। फिलहाल हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत