नई दिल्ली:रूस-यूक्रेन युद्ध, वैश्विक महंगाई और अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का बिटकॉइन पर बुरा असर पड़ रहा है। यही कारण है कि दुनिया का सबसे प्रसिद्ध यह क्रिप्टोकरंसी अपने शीर्ष से करीब 50 प्रतिशत तक टूट चुका है।
बिटकॉइन ने पिछले साल नवंबर में 68,789 डॉलर प्रति यूनिट (करीब 52.93 लाख भारतीय रुपये) के उच्च स्तर का रिकॉर्ड बनाया था। तब से अब तक इसमें लगातार गिरावट जारी है। इस बीच वैश्विक स्तर पर बनी नकारात्मक परिस्थितियों के कारण यह करीब 50 प्रतिशत टूटकर रविवार को 34,587 डॉलर प्रति यूनिट (करीब 26.61 लाख भारतीय रुपये) पर कारोबार कर रहा था। इस प्रकार बीते छह महीनों में बिटकॉइन की कीमत में 34,202 डॉलर प्रति यूनिट (करीब 26.32 लाख भारतीय रुपये) की कमी आई है।
2022 में अब तक 25 प्रतिशत की गिरावट
2022 बिटकॉइन के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ है। इस साल में यह अब तक करीब 25 प्रतिशत तक गिर चुका है। एक जनवरी 2022 को यह 46,726 डॉलर प्रति यूनिट पर था, जो रविवार शाम को गिरकर 34,587 डॉलर प्रति यूनिट पर कारोबार कर रहा था। इस प्रकार 2022 में बिटकॉइन की कीमत में 12,139 डॉलर प्रति यूनिट की गिरावट हो चुकी है।
ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में अनामता का जोखिमः सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के एक कार्यक्रम में कहा कि ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी में ‘एनॉनिमिटी’ यानी पहचान उजागर नहीं होना एक ‘अंतर्निहित जोखिम’ है और इस प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसके साथ ही सीतारमण ने यह स्पष्ट किया कि ‘ड्रिस्टिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी)’ यानी ‘ब्लॉकचेन’ का इस्तेमाल करना पूरी तरह से ‘अपरिहार्य’ है और सरकार भी इसके उपयोग का समर्थन करती है। दरअसल, भारत अपनी डिजिटल मुद्रा सीबीडीसी लाने की तैयारी में है जो कि ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी पर ही आधारित होगी। सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश करते समय सीबीडीसी लाने की घोषणा की थी।
अन्य प्रमुख क्रिप्टो में गिरावट
| क्रिप्टो | गिरावट प्रतिशत में | मूल्य भारतीय रुपये में |
| लूना | 15.24 | 5,037.71 |
| जैस्मी | 7.76 | 1.271 |
| कोटि | 6.27 | 14.35 |
| शिबा इनू | 6.01 | 0.001517 |
| एटॉम | 5.36 | 1,289.78 |
| मैटिक | 5.34 | 80.014 |
| माना | 5.32 | 108.4 |
| एसओएल | 5.25 | 6,268.87 |
| रूने | 4.82 | 469.42 |
| इथेरियम | 4.53 | 2,07,350 |
क्रिप्टो संबंधी सभी गतिविधियों पर लग सकता है 28 फीसदी जीएसटी
केंद्र सरकार क्रिप्टोकरंसी से जुड़ी सभी गतिविधियों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में ला सकती है। दरअसल, सरकार ने क्रिप्टोकरंसी को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए एक संसदीय समिति का गठन किया है। यह समिति क्रिप्टोकरंसी से जुड़ी सभी गतिविधियों पर अधिकतम जीएसटी दर 28 फीसदी को लागू करने पर एकमत दिखाई दे रही है।
इसमें क्रिप्टोकरंसी के जरिए वस्तुओं और सेवाओं के हस्तांतरण पर भी टैक्स लगाने पर सहमति बनती दिख रही है। संसदीय समिति में शामिल सभी सदस्यों का मानना है कि क्रिप्टोकरंसी को लॉटरी या जुआ के समान माना जाए और इन पर लगने वाले टैक्स के समान ही जीएसटी की वसूली की जाए।













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