चंडीगढ़। असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद चरमपंथी अमृतपाल सिंह खडूर साहिब से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। यह घोषणा अमृतपाल की मां बलविंदर कौर ने खुद की है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं था, लेकिन अब ‘हालत’ को देखते हुये उसे ऐसा करना पड़ रहा है। इससे पहले बुधवार को अमृतपाल सिंह के कानूनी सलाहकार राजदेव सिंह खालसा ने भी दावा किया था कि ‘वारिस पंजाब दे’ प्रमुख चुनाव लड़ेंगे।
अमृतपाल की मां ने आरोप लगाया कि अमृतपाल के पिता और चाचा जेल में मिलने गये थे, तो एजंसियों की मौजूदगी में बात भी नहीं हो सकी क्योंकि एजंसियां नहीं चाहतीं कि अमृतपाल चुनाव लड़े। मां ने दावा किया कि एजेंसियों को इस बात का डर है कि “सरकार के ज़ुल्म और अन्याय की कहानियां” दूसरे देशों तक भी पहुंचेंगी।
उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर युवाओं पर हो रहे सरकार के अत्याचार को रोकने के लिए, धर्म आंदोलन को बड़ा रूप देने के लिये, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून खत्म करने, बंदी सिंहों की रिहाई और पंजाब के दर्द को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिये अमृतपाल सिंह चुनाव लड़ेगा।
अमृतपाल सिंह को पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका)लगाया गया है। वह अपने नौ सहयोगियों के साथ वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। एक महीने से अधिक समय तक चली तलाश के बाद उसे पिछले साल 23 अप्रैल को मोगा जिले के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था। खालिस्तान समर्थक पिछले साल मार्च में वाहन बदलकर और हुलिया बदलकर जालंधर जिले में पुलिस की गिरफ्त से बच निकला था।













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