नई दिल्ली। अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल की कर्ज समाधान योजना को पूरा करने की समयसीमा बढ़ सकती है। इस संबंध में हिंदुजा समूह की फर्म IIHL की याचिका पर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) 20 जून को सुनवाई करेगा। इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने अनिल अंबानी समूह की ऋणग्रस्त वित्तीय सेवा कंपनी रिलायंस कैपिटल के कर्ज समाधान के लिए सफल बोली लगाई थी।
90 दिन की मोहलत की गुहार
बता दें कि एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने 27 फरवरी, 2024 को रिलायंस कैपिटल के लिए 9,650 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी देते हुए इसे पूरा करने के लिए 27 मई, 2024 की समयसीमा तय की थी। हालांकि, IIHL इस समयसीमा तक समाधान प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई है और उसने इसे 90 दिन बढ़ाने की न्यायाधिकरण से गुहार लगाई है। एनसीएलटी ने गुरुवार को इस याचिका पर सुनवाई करने के बाद मामले को 20 जून को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
रिलायंस कैपिटल ने क्या कहा
रिलायंस कैपिटल ने शेयर बाजार को दी एक सूचना में कहा कि ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता, 2016 की धारा 60(5) के तहत सफल समाधान आवेदक ने अनुमोदित समाधान योजना पर अमल के लिए 27 मई, 2024 से 90 दिन का विस्तार मांगा है।
2021 में आरबीआई ने की कार्रवाई
बता दें कि रिजर्व बैंक ने नवंबर, 2021 में अनिल अंबानी समूह की कंपनी के कामकाजी प्रबंधन से जुड़े मुद्दों और भुगतान चूक पर उसके निदेशक मंडल को बर्खास्त कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने रिलायंस कैपिटल के लिए नागेश्वर राव वाई को प्रशासक नियुक्त किया था, जिन्होंने फरवरी 2022 में बोलियां आमंत्रित की थीं।
कितना है कर्ज
रिलायंस कैपिटल पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था और चार आवेदकों ने शुरू में समाधान योजनाओं के साथ बोली लगाई थी। हालांकि, ऋणदाताओं की समिति ने कम बोली मूल्यों वाली इन समाधान योजनाओं को नकार दिया था। इसके बाद बोली का दूसरा दौर हुआ जिसमें आईआईएचएल के साथ टॉरेंट इन्वेस्टमेंट्स ने भी शिरकत की थी। हालांकि, बाद में IIHL ने बाजी मार ली।













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