नई दिल्ली। इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या में लगातार रिकॉर्ड इजाफा हो रहा है। म्यूचुअल फंड उद्योग ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) के पहले दो महीनों अप्रैल और मई में 81 लाख से अधिक नए निवेशक खाते जोड़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन योजनाओं से मिल रहे अच्छे मुनाफे और भारतीय बाजार में लगातार आ रही तेजी को देखते हुए निवेशक खुलकर निवेश कर रहे हैं।
ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड खातों की कुल संख्या अप्रैल में 18 करोड़ 15 लाख थी, जो मई के अंत तक बढ़कर 18 करोड़ 60 लाख हो गई। इस दौरान कुल 45 लाख नए खाते खुले। मार्च में कुल खातों की संख्या 17 करोड़ 79 लाख थी। अप्रैल में 36.11 लाख नए खाते खोले गए। वहीं, निवेश में भी लगातार रिकॉर्ड इजाफा हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक मई 2024 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 84 फीसदी उछलकर रिकॉर्ड 34,670.9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अप्रैल में 18,888 करोड़ रुपये रहा।
इस साल 13 फीसदी का उछाल
आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2023 तक कुल 16.49 करोड़ म्यूचुअल फंड खाते खुले थे। इस साल जनवरी से मई तक 2 करोड़ 10 लाख से अधिक खातों का इजाफा हुआ है। इन पांच महीनों में करीब 13 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। इसी तरह वर्ष 2024 में खुले नए खातों की संख्या वर्ष 2023 के औसत मासिक आंकड़ों की तुलना में भी कहीं अधिक है। बीते साल प्रति माह औसतन 22.3 लाख खाते खुले थे। इस साल यह औसत प्रति माह 40 लाख खातों का है।
एसआईपी के जरिए मासिक निवेश 6.6 गुना बढ़ा
सामान्य निवेशकों में व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) के जरिए निवेश का आकर्षण तेजी से फैला है और पिछले आठ वर्ष में एसआईपी के जरिए की गई मासिक निवेश राशि का स्तर 6.6 गुना बढ़ा है। एक रिपोर्ट के अनुसार मई 2016 में एसआईपी निवेश 3189 करोड़ रुपये था जो मई, 2018 में 7304 करोड़ रुपये, मई, 2022 में 12286 करोड़ और मई 2024 में मासिक 20904 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अप्रैल 2024 में म्यूचुअल फंड एसआईपी खातों की संख्या 8.70 करोड़ पर पहुंच गई, जो मार्च में 8.39 करोड़ थी।
नए निवेशकों में युवाओं की संख्या अधिक
इस उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि नए निवेशकों में युवाओं की तादाद काफी ज्यादा है। अधिकांश नए निवेशक म्यूचुअल फंड क्षेत्र में प्रवेश के लिए डिजिटल माध्यमों को अपना रहे हैं। खुदरा निवेशकों के पास अब 60 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो बाजार में सभी निवेशकों की कुल संपत्ति का करीब पांचवां हिस्सा है। इसमें म्यूचुअल फंड (एसआईपी) के माध्यम से किया गया निवेश भी शामिल है।
इस साल माह अनुसार खुले खाते
जनवरी 46.7
फरवरी 46
मार्च 37
अप्रैल 36.11
मई 45
(आंकड़े लाख में )
इसलिए बढ़ रहा रुझान
1. भारत की आर्थिक वृद्धि दर तेज रहने की उम्मीद
2. विदेशी निवेशकों का रुझान भी बढ़ा
3. बाजार में तेजी से निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना
4. ज्यादा जोखिम लेकर अधिक मुनाफे का प्रवृत्ति भी बढ़ी
5. महंगाई दर नीचे आई, ऋण दरों में बढ़ोतरी नहीं













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