डेस्क : देश के प्रमुख उद्योग समूहों में शामिल Adani Group ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अपनी मानव संसाधन नीति में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। समूह अब पारंपरिक भर्ती ढांचे से आगे बढ़कर एआई-आधारित कौशल और युवा प्रतिभा के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।
समूह की नई रणनीति का उद्देश्य भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसे कार्यबल का निर्माण करना है, जो तेजी से बदलती तकनीकी व्यवस्था में स्वयं को ढाल सके। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में लगभग सभी उद्योगों में एआई का प्रभाव निर्णायक भूमिका निभाएगा, जिससे कार्य करने के तरीकों और भूमिकाओं में व्यापक परिवर्तन होगा।
भर्ती नहीं, कौशल विकास पर जोर
नई नीति के तहत अडानी समूह अब भर्ती प्रक्रिया को केवल नियुक्ति तक सीमित नहीं मान रहा, बल्कि इसे सतत कौशल विकास की प्रक्रिया के रूप में देख रहा है। कंपनी का फोकस ऐसे युवाओं पर है, जिनकी पकड़ डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग और डिजिटल तकनीकों पर मजबूत हो।
समूह का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है और भविष्य में वही संगठन प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगे, जो अपने कर्मचारियों को लगातार नए कौशल से लैस करेंगे।
कार्यबल में संरचनात्मक बदलाव
नई रणनीति के तहत कार्यबल की भूमिकाओं का पुनर्गठन, निर्णय प्रक्रिया में तकनीकी उपकरणों का उपयोग और कर्मचारियों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल किए जा रहे हैं। इससे संगठन को अधिक चुस्त और तकनीक-उन्मुख बनाने की योजना है।
युवाओं पर विशेष ध्यान
भारत की बड़ी युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए समूह का उद्देश्य है कि एआई-आधारित दक्षताओं को बढ़ावा देकर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाए। इसके लिए तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसरों के सृजन पर भी जोर दिया जा रहा है।
समूह का मानना है कि यदि युवा पीढ़ी एआई तकनीकों में दक्ष होती है, तो भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है।













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