डेस्क : असम विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच बुधवार को चुनावी सभाओं में तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।
देमाजी में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर “घुसपैठियों को संरक्षण देने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के तहत अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देती है, जिससे असम की सांस्कृतिक पहचान और जनसंख्या संतुलन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी बताते हुए उस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
इसके जवाब में नाजिरा में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार को “माफिया और सिंडिकेट राज” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है और आम नागरिक भय के वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि असम की जनता अब परिवर्तन चाहती है और कांग्रेस सत्ता में आने पर पारदर्शी तथा जवाबदेह शासन देगी। उन्होंने स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए शीघ्र न्याय और जनहितकारी निर्णयों का आश्वासन भी दिया।
असम में होने वाले मतदान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दल पूरी शक्ति से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी घुसपैठ और क्षेत्रीय अस्मिता को प्रमुख मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस भ्रष्टाचार और शासन व्यवस्था को केंद्र में रखकर जनता के बीच जा रही है। ऐसे में यह चुनाव राज्य की दिशा और दशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मुकाबला माना जा रहा है।













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