डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इस बार पार्टी ‘बॉटम-अप’ यानी नीचे से ऊपर की ओर और क्षेत्र-विशिष्ट अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्य फोकस तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मजबूत गढ़ कोलकाता और उसके आसपास के जिलों की 100 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करना है।
केंद्रीय नेतृत्व की सक्रिय भूमिका
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल, 28 मार्च को टीएमसी सरकार के खिलाफ एक ‘चार्जशीट’ जारी करेंगे। इसमें राज्य सरकार के कथित कुशासन और भ्रष्टाचार का विवरण होगा। इसके साथ ही BJP एक ‘श्वेत पत्र’ भी जारी करेगी, जिसमें टीएमसी सरकार की विफलताओं को उजागर किया जाएगा। आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की बड़ी रैलियों की भी योजना बनाई गई है।
डोर-टू-डोर अभियान और स्थानीय मुद्दे
2021 के विपरीत इस बार BJP सीधे जनता से जुड़ने पर जोर दे रही है। पार्टी ‘डोर-टू-डोर’ संपर्क अभियान के माध्यम से स्थानीय समस्याओं को मुद्दा बना रही है। कोलकाता में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विफलता और हालिया आरजी कर जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी। उत्तर 24 परगना (पानीहाटी) में कचरा डंपिंग और अलीपुरद्वार में शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है। पार्टी ने हर क्षेत्र के लिए अलग चार्जशीट तैयार की हैं, जिन्हें कार्यकर्ता सीधे जनता तक पहुंचाएंगे।
कोलकाता और आसपास की 100 सीटों पर फोकस
BJP ने कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण और उत्तर 24 परगना के जिलों में 100 से अधिक सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है। कोलकाता की 29 सीटें वर्षों से TMC का मजबूत किला रही हैं, जहां ममता सरकार के वरिष्ठ मंत्री और विधायक चुनाव लड़ते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए BJP ने इस बार जमीनी नेताओं को तरजीह दी है। माणिकतला से टीएमसी छोड़कर आए तापस रॉय और भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी को उतारा गया है।
जंगलमहल पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश
उत्तर बंगाल में BJP ने 2021 में 34 सीटें जीती थीं। इस बार उसका लक्ष्य 54 में से 45 सीटें जीतने का है। पार्टी ‘न्यू नॉर्थ बंगाल’ का नारा दे रही है और चाय बागान श्रमिकों की समस्याओं को प्रमुखता दे रही है। इसके अलावा BJP माइक्रो-लेवल बूथ मैनेजमेंट पर जोर दे रही है ताकि केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुंच सके।
BJP की यह रणनीति स्पष्ट रूप से क्षेत्रीय मुद्दों और स्थानीय नेतृत्व पर आधारित है, जो टीएमसी के मजबूत गढ़ को चुनौती देने की कोशिश करती नजर आ रही है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

