• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
राजस्थान राज्यसभा चुनाव: बीजेपी का दावा कांग्रेस विधायक हमारे संपर्क में

भाजपा को ‘कमल’ और कांग्रेस को कैसे मिला ‘पंजा’, दिलचस्प है चुनाव चिह्नों की कहानी

April 28, 2024
भारत और चीन ने सीमा और व्यापार में नई शुरुआत की

भारत–चीन रिश्तों में नरमी के संकेत: डोभाल–वांग यी वार्ता रही रचनात्मक

June 23, 2026
उत्तर भारत में मौसम का बदलेगा मिजाज, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट

उत्तर भारत में मौसम का बदलेगा मिजाज, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट

June 23, 2026
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का दुनिया में जलवा, अरब देशों भी खरीदने कतार में लगे

भारत-यूएई रक्षा संबंध मजबूत: ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में दिखी रुचि

June 23, 2026
सपा प्रमुख मायावती ने फेंका 2027 का पासा, सर्वजन राजनीति फिर केंद्र में

मायावती की 2027 रणनीति: सवर्ण समाज पर साधा राजनीतिक फोकस

June 23, 2026
चुनाव के दौरान अमित शाह को दी थी धमकी, अब अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बंगाल में FIR

टीएमसी में बड़ा सियासी बवाल, ‘बागी धड़े’ का दावा—ममता बनर्जी हटाई गईं, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड

June 23, 2026
आकाश चोपड़ा

जायसवाल के बाहर होने पर विवाद, आकाश चोपड़ा ने जताई हैरानी

June 23, 2026
आईसीसी से बड़ा कोई देश नहीं” : टी20 विश्व कप के बाद जय शाह का बड़ा बयान

आईसीसी की नई पहल: महिला खिलाड़ियों के लिए मातृत्व के बाद वापसी की गाइडलाइन जारी

June 23, 2026
बॉबी देओल

‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ पर सवाल सुन बॉबी देओल का रिएक्शन—“यह कौन-सा शो है?”

June 23, 2026
विक्रम भट्ट का खुलासा: जेल के बाद बदल गए रिश्ते, कई दोस्तों ने तोड़ी बातचीत

“यह तो मेरी ही फिल्म है”—हॉलीवुड फिल्म देखकर भावुक हुए विक्रम भट्ट

June 23, 2026
DA का ब्रेक, सैलरी का बूस्ट? 8वें वेतन आयोग से पहले संकेत

वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें, कई बैंकों में 8% से अधिक रिटर्न का मौका

June 23, 2026
इलेक्ट्रिक व्हीकल दक्षता में टाटा मोटर्स और महिंद्रा का शानदार प्रदर्शन

इलेक्ट्रिक व्हीकल दक्षता में टाटा मोटर्स और महिंद्रा का शानदार प्रदर्शन

June 23, 2026
आईपीओ

एडविट ज्वेल्स आईपीओ: निवेशकों के लिए खुला नया अवसर, बाजार में लिस्टिंग की तैयारी

June 23, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Tuesday, June 23, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home ओपिनियन

भाजपा को ‘कमल’ और कांग्रेस को कैसे मिला ‘पंजा’, दिलचस्प है चुनाव चिह्नों की कहानी

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
April 28, 2024
in ओपिनियन, राजनीतिक
Reading Time: 1 min read
A A
0
राजस्थान राज्यसभा चुनाव: बीजेपी का दावा कांग्रेस विधायक हमारे संपर्क में

चुनाव में पार्टियों के लिए उनके चुनावी निशान बेहद जरूरी होते हैं। इस बार चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट की अपील करते हुए कहा था कि आप सिर्फ इतना समझिए कि चुनाव कमल लड़ रहा है। दरअसल आजादी के बाद देश की साक्षरता दर बेहद कम थी। ऐसे में पार्टियों या फिर प्रत्याशियों की पहचान के लिए चुनाव निशान देने की शुरूआत हुई थी। हालांकि ये चुनाव निशान आज भी उतना ही प्रासंगिक हैं जितना आज से 70 साल पहले थे। कई बार पार्टियों में फूट पड़ने के बाद चुनाव निशान के लिए लोग कोर्ट तक जाते हैं।
हाल ही में एनसीपी और शिवसेना में फूट पड़ने के बाद चुनाव चिह्न पर दोनों ही गुट दावेदार कर रहे थे। वहीं दो पत्ती के निशान के लिए टीटीवी दिनाकरन ने भी कोर्ट के चक्कर काटे। बता दें कि बड़ी पार्टियों के चुनाव चिह्न फिक्स होते हैं लेकिन निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव आयोग के पा मौजूद लिस्ट में से चुनाव चिह्न का चयन करना होता है। पहले आओ पहले पाओ की बिनाह पर चुनाव चिह्न अलॉट किए जाते हैं। बता दें कि एमएस सेठी को 1950 में ड्राफ्टमैन के रूप में नियुक्त किया गया था जो कि एचबी पेंसिल की मदद से चुनाव निशान बनाते थे। यही चुनाव निशान इस्तेमाल होते रहे।

उनके द्वारा बनाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल आज भी चुनाव में होता है। चुनावों में जानवरों की तस्वीरों वाले का भी खूब इस्तेमाल होता था। हालांकि 1991 में इसका विरोध किया गया और इसके बाद जनवरों और पक्षियों की तस्वीरों का इस्तेमाल बंद हो गया। हालांकि अब भी कुछ पार्टियों के पास ऐसे चुनाव निशान हैं। जैसे कि बीएसपी का निशान हाथी है। एमजीपी का शेर और नागा पीपुल्स फ्रंट का निशान मुर्गा है।

बीजेपी को कैसे मिला कमल निशान
भारतीय जनता पार्टी आज कथित तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। इसकी नींव 1980 में पड़ी थी। वैसे तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में ही जनसंघ की नींव डाल दी थी। इसका चुनाव निशान दीपक हुआ करता था। आपातकाल खत्म होने के बाद जनसंघ का विलय जनता पार्टी में हो गया और इसका निशान ‘हलधर किसान’ हो गया। 1980 में जब भाजपा बनी तो इसके पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी थे। इसके बाद हिंदू परंपरा से जोड़कर इस पार्टी का चुनाव निशान कमल चुना गया। भाजपा ने इसलिए भी कमल को चुना क्योंकि इसका इस्तेमाल स्वतंत्रता आंदोलन में भी अंग्रेजों के खिलाफ किया गया था।

कांग्रेस के ‘पंजे’ की कहानी
पहले कांग्रेस का चुनावी निशान ‘दो बैलों की जोड़ी’ हुआ करता था। हालांकि जब कांग्रेस में फूट पड़ी तो जगजीवन राम वाली कामंग्रेस (आर) को असली कांग्रेस माना गया। वहीं निजलिंगप्पा कि अध्यक्षता वाली कांग्रेस (ओ) को दो बैलों की जोड़ी निशान नहीं दिया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगा दी और कहा कि दोनों ही गुट अब पुराने निशान का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके बाद 1971 में कांग्रेस (ओ) को चरखा और कांग्रेस (आर) को बछड़ा और गाय चुनाव निशान दे दिया गया।

बाद में कांग्रेस (आर) फिर टूट गई। अब इंदिरा गांधी की कांग्रेस (आई) को ‘हाथ के पंजे’ का निशान दिया या। इंदिरा गांधी गाय और बछड़ा वाला ही निशान चाहती थीं लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग के ही फैसले को बरकरार रखा। इस तरह पार्टियां टूटने के बाद निशान बदलते गए और 1978 से अब तक कांग्रेस का चुनावी निशान हाथ का पंजा ही है।

Previous Post

अक्षय कुमार की ये 4 फिल्में इस साल हो रही हैं रिलीज़, जानिए

Next Post

अब रामलला के दर्शन करने वालों को मिलेगा खास पैकेट, प्रसाद के साथ अयोध्या से जुड़ी यह चीजें होंगी शामिल

Next Post
रामलला पहनेंगे 11 करोड़ का मुकुट, गुजरात के इस कारोबारी ने किया दान

अब रामलला के दर्शन करने वालों को मिलेगा खास पैकेट, प्रसाद के साथ अयोध्या से जुड़ी यह चीजें होंगी शामिल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • भारत–चीन रिश्तों में नरमी के संकेत: डोभाल–वांग यी वार्ता रही रचनात्मक
  • उत्तर भारत में मौसम का बदलेगा मिजाज, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट
  • भारत-यूएई रक्षा संबंध मजबूत: ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में दिखी रुचि
  • मायावती की 2027 रणनीति: सवर्ण समाज पर साधा राजनीतिक फोकस
  • टीएमसी में बड़ा सियासी बवाल, ‘बागी धड़े’ का दावा—ममता बनर्जी हटाई गईं, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In