डेस्क : अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर के साथ महत्वपूर्ण भेंट की। यह भेंट ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएँ निर्णायक चरण में पहुँच रही हैं।
भेंट के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापारिक सहयोग को सुदृढ़ करने, बाज़ार तक पहुँच को सरल बनाने तथा आपूर्ति शृंखला को मज़बूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। विनय मोहन क्वात्रा ने इस वार्ता को “सार्थक और सकारात्मक” बताया तथा कहा कि अनेक क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा हुई।
फरवरी 2026 में दोनों देशों ने व्यापार समझौते के प्रथम चरण के लिए एक प्रारंभिक रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की थी। इसी क्रम में अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर कुछ शुल्क कम करने के संकेत भी प्राप्त हुए हैं, जिससे वार्ताओं में लचीलापन परिलक्षित होता है।
आगामी समय में भारत का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन जाकर इन वार्ताओं को आगे बढ़ाएगा तथा शेष विषयों पर सहमति बनाने का प्रयास करेगा। तथापि, अमेरिका की परिवर्तित होती शुल्क नीतियाँ और वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में हो रहे बदलाव इस समझौते की समय-सीमा को प्रभावित कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
भारत और अमेरिका के मध्य बढ़ती कूटनीतिक एवं आर्थिक सक्रियता यह संकेत देती है कि दोनों देश अपने व्यापारिक संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समझौता यदि अंतिम रूप लेता है, तो वैश्विक व्यापार संतुलन पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
