नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनके राजनीतिक जीवन में ऐसा पड़ाव भी आएगा। उन्होंने इसे देश की सेवा का सर्वोच्च सौभाग्य बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजनीति की लंबी यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह उपलब्धि उनके हिस्से आएगी। उन्होंने कहा कि लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए अत्यंत गौरव और विनम्रता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारत माता की सेवा इतने लंबे समय तक कर पाना केवल ईश्वर की विशेष कृपा से संभव हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके लिए देश की जनता ही ईश्वर का स्वरूप है और इसलिए उन्होंने सदैव जनसेवा को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में देखा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने सहयोगियों और कार्यकर्ताओं को भी दिया तथा कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों की सफलता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गरीबी उन्मूलन और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग गरीबी से निकलकर नव-मध्यम वर्ग का हिस्सा बने हैं, उन्हें दोबारा अभावों की स्थिति में नहीं लौटने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे देश के 140 करोड़ नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं, महिलाओं, किसानों और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को साकार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी संकल्प के साथ केंद्र सरकार कार्य कर रही है।
इस बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी एक प्रस्ताव पारित कर 10 जून 2026 को भारतीय लोकतंत्र की यात्रा का ऐतिहासिक दिन बताया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने 4,399 दिनों तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देकर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। नेहरू ने वर्ष 1952 से 1964 तक लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में कहा गया कि यह उपलब्धि भारत की लोकतांत्रिक चेतना, जनविश्वास और जनभागीदारी की शक्ति का प्रतीक है तथा यह उस अभूतपूर्व समर्थन को दर्शाती है जो देश की जनता ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ कार्य करने वाले नेतृत्व को प्रदान किया है।













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