नई दिल्ली। हाल के हफ्तों में चीन की आक्रामक कार्रवाइयों से दक्षिण चीन सागर में तनाव बढ़ गया है। पिछले हफ्ते फिलीपींस के राष्ट्रपति ने कहा था कि उनका देश “किसी भी विदेशी ताकत” के आगे नहीं झुकेगा लेकिन कभी युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा। विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना द्वारा फिलीपींस की नौसेना के जवानों को घायल करने और एक झड़प में कम से कम दो सैन्य नौकाओं को क्षतिग्रस्त किये जाने की पृष्ठभूमि में उन्होंने यह कहा। अब इस मुद्दे पर भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भारत ने खुलकर फिलीपींस का समर्थन किया है।
भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह दक्षिण चीन सागर में बलपूर्वक यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कार्रवाई का विरोध करता है। भारत ने यह बयान क्षेत्र में फिलीपीन के समुद्री अभियानों के खिलाफ चीन के बढ़ते कदमों को लेकर उपजी चिताओं के बीच दिया है। दक्षिण चीन सागर में कुछ दिन पहले चीन और फिलीपीन के समुद्री सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक झड़प की घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन, नियम-आधारित व्यवस्था के सम्मान और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों के समाधान पर जोर दिया है।’’ उन्होंने कहा कि भारत का यह भी मानना है कि ऐसी कोई घटना या रुख नहीं होना चाहिए जो क्षेत्र को अस्थिर करे। जायसवाल ने भारत के रुख को भी रेखांकित किया कि विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अस्थिर करने वाली या एकतरफा कार्रवाइयों का विरोध करते हैं जो बलपूर्वक या जबरदस्ती यथास्थिति को बदलने की कोशिश करती है। हम विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।’’ हाइड्रोकार्बन के विशाल स्रोत दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता के चीन के व्यापक दावों को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं। वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई सहित क्षेत्र के कई देश भी इस पर अपना दावा करते हैं।
फिलीपींस की सेना द्वारा सार्वजनिक किए गए टकराव के वीडियो और तस्वीरों में चीनी तट रक्षक के कर्मी फिलीपीन के नौसेना की एक नाव पर प्रहार करते, सायरन बजाते और स्ट्रोब लाइट का उपयोग करते देखे जा सकते हैं। वहीं, चीन की सरकार ने कहा है कि जब फिलीपीन के सैनिकों ने उसकी चेतावनी को नजरअंदाज किया तब उसे कार्रवाई करनी पड़ी। इस हिंसक टकराव ने अमेरिका, यूरोपीय संघ, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य पश्चिमी और एशियाई देशों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, चीन और फिलीपीन ने इसे उकसावे के लिए एक-दूसरे को दोषी करार दिया है।













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