• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
मायावती पर नरमी और आंबेडकरवादियों को साथ लेने की बात, अखिलेश ने दिए बसपा से फिर दोस्ती के संकेत

न खेलब न खेले देब….मायावती की रणनीति ने अखिलेश यादव की बढ़ाईं मुश्किलें

March 13, 2024
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर, दोनों के शव भी बरामद

शोपियां में सेना का बड़ा ऑपरेशन: लश्कर के दो आतंकवादी घिरे, मुठभेड़ जारी

July 5, 2026
आकाश चोपड़ा

भारत की हार पर बोले आकाश चोपड़ा: “टी-20 वर्ल्ड कप से पहले हम हार नहीं रहे थे”

July 5, 2026
राजस्थान में मानसून की वापसी: झमाझम बारिश से राहत, जलभराव और यातायात बाधित

उत्तर भारत में मॉनसून का कहर जारी, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

July 5, 2026
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर ट्रंप का भव्य संबोधन, सैन्य नायकों को किया नमन

अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर ट्रंप का भव्य संबोधन, सैन्य नायकों को किया नमन

July 5, 2026
हाफ़िज़ सईद पीछे, बेटे ताल्हा आगे — लश्कर नेतृत्व में नया मोड़

हाफ़िज़ सईद पीछे, बेटे ताल्हा आगे — लश्कर नेतृत्व में नया मोड़

July 5, 2026
लोक कला की महान विभूति तीजन बाई का निधन

लोक कला की महान विभूति तीजन बाई का निधन

July 5, 2026
एसआईआर प्रक्रिया के बीच उत्तर 24 परगना में बुजुर्ग की मौत

गुरुग्राम में इंजीनियर ने की आत्महत्या, परिवार ने लगाया दहेज उत्पीड़न का आरोप

July 5, 2026
होली-दीवाली पर राशन कार्ड धारकों को मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत बरकरार

July 5, 2026
बजट से पहले पेट्रोल-डीजल महंगा होने के संकेत, एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार

पोर्ट ब्लेयर में स्थिर रहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें, जानें आज का रेट

July 5, 2026
इरफान पठान

इरफान पठान की राय: श्रेयस अय्यर पर भरोसा, लेकिन रणनीति में राजत पाटीदार को मिलनी चाहिए ज्यादा मौके

July 5, 2026
नीतीश युग का अंत, सम्राट चौधरी संभालेंगे बिहार की कमान

बिहार में हर जिले के लिए अलग विकास योजना और बजट तैयार होगा: सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

July 5, 2026
हादसे, हत्याएं और सत्ता: महाराष्ट्र की राजनीति का अनकहा इतिहास

रेवाड़ी में सनसनीखेज हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने 21 वर्षीय पति की हत्या कर शव नहर में फेंका

July 5, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Sunday, July 5, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home राज्य-शहर उत्तर प्रदेश

न खेलब न खेले देब….मायावती की रणनीति ने अखिलेश यादव की बढ़ाईं मुश्किलें

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
March 13, 2024
in उत्तर प्रदेश, राजनीतिक
Reading Time: 1 min read
A A
0
मायावती पर नरमी और आंबेडकरवादियों को साथ लेने की बात, अखिलेश ने दिए बसपा से फिर दोस्ती के संकेत

File Photo

लखनऊ:भोजपुरी की कहावत है.. ‘न खेलब, न खेले देब, खेलिए बिगाड़ब’। इस कहावत का जिक्र पीएम मोदी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस को निशाने पर लेने के लिए भी किया था। इसका मतलब है न खेलेंगे, न खेलने देंगे, खेल बिगाड़ेंगे। कुछ ऐसा ही आने वाले लोकसभा चुनाव में बसपा प्रमुख मायावती की रणनीति लगती है। विपक्ष में होने के बाद भी मायावती मोदी सरकार के खिलाफ बने इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं हुईं और अकेले ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इस बीच पिछले तीन दिनों में उन्होंने पांच प्रत्याशियों का ऐलान किया है। इन पांच में से चार मुस्लिम प्रत्याशी हैं।

हर चुनाव में मुस्लिम वोट भाजपा के खिलाफ एकमुश्त पड़ते रहे हैं। अगर किसी दल से कोई मुस्लिम प्रत्याशी नहीं है तो यह वोट सीधे सपा को ही जाता रहा है। जहां भी बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारा है उसका खामियाजा सपा को ही भुगतना पड़ा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में देखने को मिला था। यहां भाजपा प्रत्याशी ने सपा को केवल डेढ़ लाख मतों से हराया था। जबकि बसपा के मुस्लिम प्रत्याशी को ढाई लाख से ज्यादा वोट मिल गए थे।

विधानसभा चुनाव में भी बसपा की इसी रणनीति का असर दिखाई दिया था। बसपा भले ही 403 में से केवल एक सीट जीत सकी थी लेकिन सपा को हराने में अहम हो गई थी। इस बार भी कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। बसपा ने इसी औसत से मुस्लिम प्रत्याशियों को उतारा तो सपा-भाजपा के बीच दिख रही सीधी टक्कर त्रिकोणीय हो जाएगी और बसपा भले न जीते लेकिन सपा की हार तय कर सकती है।

बसपा ने कन्नौज से पूर्व सपा नेता अकील अहमद, पीलीभीत से पूर्व मंत्री अनील अहमद खां फूल बाबू, अमरोहा से मुजाहिद हुसैन और मुरादाबाद से इरफान सैफी को मैदान में उतारा है। सभी मुस्लिम प्रत्याशी उतारने को मायावती की अखिलेश यादव के लिए न खेलब न खेले देब वाली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि बसपा ने यूपी की सभी सीटों पर उम्मीदवारों की सूची लगभग फाइनल कर ली है। अधिकतर मंडल प्रभारियों को इनकी सूची भी सौंप दी गई है। कांशीराम की जयंती पर 15 मार्च से मंडल स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में इनको बतौर लोकसभा प्रभारी घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें चुनावी तैयारियों में जुटा दिया जाएगा। पहले चरण में सभी सीटों के लिए प्रभारी बनाए जाएंगे उसके बाद प्रदेश स्तर से उम्मीदवारों की सूची विधिवत जारी की जाएगी।

बसपा वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव सपा के साथ गठबंधन पर लड़ी थी। सपा के साथ गठबंधन पर उसके हिस्से में 38 सीटें आई थीं। इनमें से वह 10 सीटों अंबेडकरनगर, अमरोहा, बिजनौर, गाजीपुर, घोसी, जौनपुर, लालगंज, नगीना, सहारनपुर और श्रावस्ती जीती थी। इनमें से 27 सीटों पर वह नंबर दो पर रही और एक सीट फतेहपुर सीकरी में नंबर तीन पर रही है। जातीय समीकरण, वोटों की गणित और परफार्मेंस के आधार पर उम्मीदवार चयन का मानक रखा गया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसके आधार पर उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया है।

बसपा सुप्रीमो ने इस बार कांशीराम की जयंती मंडल स्तर पर बनाने का निर्देश दिया है। मंडल प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि इसमें कॉडर के सभी नेताओं को बुलाया जाएगा और उनके समाने ही लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम बतौर प्रभारी घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही मंडल के सहायक प्रभारियों को लोकसभा प्रभारी के साथ गांव-गांव कॉडर कैंप करने का निर्देश दिया जाएगा। इसका मकसद बसपा प्रभारियों को गांव-गांव तक अपने दलित विरादरी के लोगों तक पहुंच बनाना है, जिससे चुनाव के दौरान उन्हें वोट मांगने में किसी तरह की कोई असुविधा न होने पाए।

घर वापसी लोगों को भी टिकट
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बसपा छोड़ कर गैर दलों में जाने वाले कुछ नेताओं ने घर वापसी की है। इनमें से कई पूर्व मंत्री भी हैं। बसपा घर वापसी करने वालों को भी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बना रही है। इनमें से अधिकतर नेता दलित, ओबीसी और मुस्लिम हैं। ये ऐसे नेता हैं जिनका अपने-अपने क्षेत्रों में जनाधार है। बसपा छोड़कर अन्य दलों में इसलिए गए थे कि कुछ होगा, लेकिन अच्छा न होने पर घर वापसी कर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की स्वयं भी इच्छा जताई है।

Previous Post

जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारियों के बीच बड़ा ऐक्शन, जम्मू कश्मीर नेशनल फ्रंट पर लगा 5 साल का बैन

Next Post

राम मंदिर आरती के लिए अयोध्या जाने की नहीं जरूरत, घर बैठे करें दर्शन

Next Post
राम मंदिर आरती के लिए अयोध्या जाने की नहीं जरूरत, घर बैठे करें दर्शन

राम मंदिर आरती के लिए अयोध्या जाने की नहीं जरूरत, घर बैठे करें दर्शन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • शोपियां में सेना का बड़ा ऑपरेशन: लश्कर के दो आतंकवादी घिरे, मुठभेड़ जारी
  • भारत की हार पर बोले आकाश चोपड़ा: “टी-20 वर्ल्ड कप से पहले हम हार नहीं रहे थे”
  • उत्तर भारत में मॉनसून का कहर जारी, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
  • अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर ट्रंप का भव्य संबोधन, सैन्य नायकों को किया नमन
  • हाफ़िज़ सईद पीछे, बेटे ताल्हा आगे — लश्कर नेतृत्व में नया मोड़
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In