डेस्क : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों अंशधारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए EPFO ने एक बार फिर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखा है। यह निर्णय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक में लिया गया था और इसे केंद्र सरकार की मंजूरी भी मिल चुकी है।
हालांकि ब्याज दर तय हो जाने के बावजूद, लाखों खाताधारकों के खातों में अभी तक इस ब्याज की राशि क्रेडिट नहीं हुई है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कब मिलेगा EPF का 8.25% ब्याज?
रिपोर्ट्स के अनुसार EPFO हर वित्तीय वर्ष के खत्म होने के बाद ब्याज की गणना करता है और फिर इसे खातों में अपडेट करता है। इस प्रक्रिया में समय लगता है क्योंकि यह मासिक बैलेंस पर आधारित होता है और पूरे देश के करोड़ों खातों में एक साथ अपडेट किया जाता है।
आमतौर पर ब्याज का क्रेडिट कई चरणों में होता है और यह वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद कुछ महीनों तक चल सकता है। मौजूदा ट्रेंड के अनुसार, कई मामलों में यह प्रक्रिया जून से सितंबर के बीच पूरी हो जाती है।
क्यों हो रही है देरी?
विशेषज्ञों के मुताबिक देरी की मुख्य वजह तकनीकी प्रोसेसिंग और बड़े पैमाने पर डेटा अपडेट है। EPFO को देशभर के करोड़ों खातों में एक साथ ब्याज जोड़ना होता है, जिससे समय लगना स्वाभाविक है।
इसके अलावा, सरकारी मंजूरी और सिस्टम अपडेट की प्रक्रिया भी इसमें शामिल होती है।
क्या खाताधारकों को चिंता करनी चाहिए?
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि खाताधारकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। EPFO का ब्याज हर साल निश्चित दर के अनुसार ही मिलता है और देरी का मतलब नुकसान नहीं होता, क्योंकि ब्याज बाद में पूरी राशि के साथ जोड़ दिया जाता है।
कैसे चेक करें ब्याज क्रेडिट हुआ या नहीं?
अंशधारक अपने EPF पासबुक या उमंग ऐप के जरिए यह देख सकते हैं कि “Interest Updated up to 31 March” जैसी एंट्री दिखाई दे रही है या नहीं। यही ब्याज अपडेट का संकेत होता है।
कुल मिलाकर, EPFO ने 8.25% ब्याज दर तो तय कर दी है, लेकिन इसका क्रेडिट अभी चरणबद्ध तरीके से खातों में पहुंच रहा है। आने वाले हफ्तों में यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।













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