गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा और पोषण बनाए रखना एक बड़ी जरूरत होती है। ऐसे में सत्तू और छाछ का संयोजन एक ऐसा पारंपरिक पेय है, जो न केवल शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि उच्च प्रोटीन और फाइबर के कारण लंबे समय तक तृप्त भी करता है। यह पेय खासतौर पर उत्तर भारत और बिहार-झारखंड क्षेत्र की देन माना जाता है, लेकिन आज यह पूरे देश में लोकप्रिय होता जा रहा है।
सामग्री
- सत्तू (भुना हुआ चने का आटा) – 3 बड़े चम्मच
- ठंडी छाछ – 2 कप
- भुना हुआ जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- काला नमक – स्वादानुसार
- साधारण नमक – स्वादानुसार
- नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच
- बारीक कटा हरा धनिया – 1 बड़ा चम्मच
- बारीक कटी हरी मिर्च (वैकल्पिक) – 1 छोटी
बनाने की विधि
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में ठंडी छाछ लें। इसमें सत्तू को धीरे-धीरे डालते हुए अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गांठ न बने। अब इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, काला नमक और साधारण नमक डालकर अच्छे से फेंटें।
इसके बाद नींबू का रस डालें और मिश्रण को हल्का झागदार होने तक मिलाते रहें। यदि आपको हल्का तीखा स्वाद पसंद है, तो बारीक कटी हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।
अंत में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर इसे और भी ताजगी भरा बनाया जा सकता है। इसे तुरंत ठंडा-ठंडा परोसें।
पोषण और लाभ
सत्तू प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। वहीं छाछ पाचन तंत्र को सुधारती है और शरीर को ठंडक प्रदान करती है। यह पेय खासकर गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाने और ऊर्जा बनाए रखने में अत्यंत लाभकारी है।
यह सत्तू छाछ न केवल एक पेय है, बल्कि एक संपूर्ण पारंपरिक स्वास्थ्य टॉनिक भी है, जिसे नियमित रूप से सेवन करने से शरीर हल्का, ऊर्जावान और ताजगी से भरपूर रहता है।










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