डेस्क : हिंदी सिनेमा की ‘ट्रेजेडी क्वीन’ कही जाने वाली मीना कुमारी का जीवन जितना सफल दिखाई देता है, उतना ही दर्द और संघर्ष से भरा हुआ भी था। अपनी अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली इस महान अभिनेत्री को निजी जीवन में कई ऐसे आघात झेलने पड़े, जिन्होंने उनकी जिंदगी को गहरे तक प्रभावित किया।
मीना कुमारी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें बचपन से ही फिल्मों में काम करना पड़ा। धीरे-धीरे उन्होंने फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाई और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा जाता है कि उनकी कमाई से ही परिवार के लिए एक घर खरीदा गया था।
हालांकि, सफलता के बावजूद उनके निजी जीवन में तनाव कम नहीं हुआ। निर्देशक कमाल अमरोही से उनके संबंधों और विवाह को लेकर परिवार में मतभेद पैदा हो गए। परिस्थितियां इतनी बिगड़ गईं कि उनके पिता ने उन्हें उसी घर से बाहर जाने के लिए कह दिया, जिसे खरीदने में उनकी मेहनत की कमाई लगी थी।
मीना कुमारी ने इसके बाद अपने दम पर जीवन और करियर दोनों को आगे बढ़ाया। उन्होंने ‘पाकीज़ा’, ‘साहिब बीवी और गुलाम’, ‘दिल अपना और प्रीत पराई’ तथा ‘बैजू बावरा’ जैसी कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया और भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।
फिल्मी सफलता के बावजूद उनका निजी जीवन अकेलेपन और भावनात्मक संघर्षों से घिरा रहा। यही कारण है कि पर्दे पर दर्द को जीवंत करने वाली यह अभिनेत्री वास्तविक जीवन में भी दर्द की प्रतीक बन गईं। आज भी मीना कुमारी का नाम हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में लिया जाता है और उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, सफलता और संवेदनाओं की एक अनूठी मिसाल मानी जाती है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत