गोरखपुर:कानपुर के एक होटल में महिला सिपाही के साथ पकड़े जाने के बाद डीएसपी से सिपाही बनाए गए कृपाशंकर कन्नौजिया विभागीय परीक्षा पास करके पदोन्नति पाए थे। सिपाही से आरक्षण पाकर दरोगा बने थे और तब होने वाली विभागीय परीक्षा को पास कर इंस्पेक्टर रैंक पर पहुंच गए। कुछ दिन आरआई रहने के बाद वह सीओ रैंक पर पदोन्नति हो गए। लेकिन, उनकी एक गलत हरकत ने उन्हें फिर से वहीं भेज दिया, जहां से उन्होंने नौकरी का सफर शुरू किया था। इधर, गोरखपुर पीएसी में स्थानांतरण होने के बाद अभी वह ज्वाइंन करने नहीं आए हैं।
मूलरूप से देवरिया जिले के निवासी कृपाशंकर 2021 में उन्नाव जिले की बीघापुर सर्किल में डीएसपी पद पर तैनात थे। उस समय वह घर जाने के लिए निकले थे लेकिन घर नहीं आए थे। इसके बाद संदेह के आधार पर पत्नी ने ही उनकी शिकायत एसपी उन्नाव से कर दी थी। एसपी ने जांच कराई और सर्विलांस की मदद से कानपुर के एक होटल में वह महिला सिपाही के साथ पकड़ लिए गए। इसके बाद इस मामले की जांच कानपुर के आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई थी।
जांच में मामला सही पाए जाने पर डीजीपी को रिपोर्ट भेजी गई थी। विभागीय छवि के खिलाफ आचरण पाए जाने पर पुलिस महानिदेशक ने डिप्टी एसपी कन्नौजिया को निलंबित करने की संस्तुति की थी। शासन से निर्देश प्राप्त होते ही डिप्टी एसपी को निलंबित कर दिया गया था। वह गोरखपुर में 26वीं वाहिनी में संबद्ध थे। इसके बाद शासन ने उनके मूल पद आरक्षी पर पदावनत कर दिया। उन्हें 26वीं वाहिनी के एक दल में नियुक्त किया गया है।













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