डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में घोषित अमेरिका–ईरान युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होगा। उनके इस बयान से पाकिस्तान के दावे पर सीधा प्रश्नचिह्न लग गया है।
दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो सप्ताह का युद्धविराम पूरे क्षेत्र, विशेषकर लेबनान, पर भी प्रभावी होगा। लेकिन इजरायल ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह युद्धविराम केवल ईरान से जुड़े मोर्चे तक सीमित है। लेबनान में चल रही सैन्य कार्रवाई पूर्ववत जारी रहेगी। इजरायल ने स्पष्ट किया कि उसकी कार्रवाई लेबनान में सक्रिय संगठन हिजबुल्लाह के विरुद्ध है, जिसे वह अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता है।
इजरायल का कहना है कि जब तक उसकी उत्तरी सीमा पर हमले पूरी तरह बंद नहीं हो जाते, तब तक लेबनान में अभियान रोकना संभव नहीं है। ऐसे में युद्धविराम का दायरा सीमित ही रहेगा।
इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि या तो पाकिस्तान को समझौते की पूरी जानकारी नहीं थी या फिर उसने अपनी भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया।
वहीं, क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है। एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम लागू है, तो दूसरी ओर लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है, जिससे स्थिति अस्थिर बनी हुई है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

