फाल्गुन चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव ने वैराग्य छोड़कर देवी पार्वती संग विवाह करके गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था । इसी वजह से हर वर्ष फाल्गुन चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की खुशी में महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है।
इस दिन रात में जागने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है. वैज्ञानिक रूप से देखें तो महाशिवरात्रि की रात में ब्रह्माण्ड में ग्रह और नक्षत्रों की ऐसी स्थिति बनती है जिससे शरीर के भीतर की ऊर्जा प्राकृतिक रूप से ऊपर ब्रह्मांड की ओर जाने लगती है.
फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवजी ने वैराग्य छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था और माता पार्वती से विवाह किया था। इस वजह से भी हर साल शिव-गौरी के विवाहोत्सव के रूप में महाशिवरात्रि मनाई जाती है।
हिन्दू परंपरा के अनुसार, इस दिन शिवजी का प्राकट्य हुआ था. शिवजी का विवाह भी इस दिन माना जाता है. इस दिन व्रत, उपवास, मंत्रजाप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व बताया गया है. शिवरात्रि की प्रत्येक पहर परम शुभ होती है.
भगवान शिव सती को बचाने के लिए यज्ञस्थल पर गए, लेकिन तब तक सब खत्म हो चुका था । कैलाशपति ने क्रोधित होकर सती का शरीर उठा लिया और तांडव करने लगे । जिस दिन शिव ने तांडव किया था, वह फाल्गुन महीने के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी (चौदहवीं) तिथि थी । महापुराण के अनुसार वही खास तिथि महाशिवरात्रि हुई ।
शिवरात्री और महाशिवरात्रि में क्या अंतर
: मुख्य अंतर यह है कि महा शिवरात्रि साल में एक बार मनाई जाती है जबकि शिवरात्रि मासिक मनाई जाती है। महा शिवरात्रि क्या है? देशभर में महाशिवरात्रि का त्योहार बेहद खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। महा शिवरात्रि का दिन त्रिदेवों में से एक भगवान शिव को समर्पित है ।
महाशिव रात्रि का इतिहास
हिंदू पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि कई कारणों से महत्व रखती है । एक मान्यता यह है कि इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था, और यह त्योहार उनके दिव्य मिलन का जश्न मनाने के लिए हर साल मनाया जाता है । साथ ही यह शिव और शक्ति के मिलन का भी प्रतीक है ।
ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंगों में विराजमान होते हैं, इसलिए इस पावन तिथि पर की गई शिव उपासना का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है. इस अवसर पर आप इन मनमोहक ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ इमेजेस, एचडी वॉलपेपर्स और फोटोज के जरिए महाशिवरात्रि की बधाई दे सकते हैं.
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है, जिसके हिसाब से साल में कुल 12 शिवरात्रि तिथियां पड़ती हैं, लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि मानी जाती है, जिसे महाशिवरात्रि के तौर पर मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर देवों के देव महादेव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए इस तिथि का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है. इस दिन शिव भक्त व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करते हैं. इस दिन मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ता है. कहा जाता है कि इस दिन विधिवत भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सारे कष्ट दूर होते हैं और महादेव की कृपा से उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है.













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