डेस्क : पंजाब के मोगा में आम आदमी पार्टी की प्रस्तावित बड़ी रैली से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई। रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह मोगा की मेगा रैली में शामिल नहीं हो पाएंगे और कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केवल अरविंद केजरीवाल मौजूद रहेंगे।
हालांकि, बाद में स्वयं भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह मोगा रैली में शामिल होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार रैली में लगभग 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है।
हाई ब्लड प्रेशर से बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक रविवार को अरविंद केजरीवाल के साथ कई आयोजनों में हिस्सा लेने के दौरान भगवंत मान को बेचैनी महसूस हुई। इसके बाद उन्हें तुरंत चंडीगढ़ ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उनकी स्थिति अब स्थिर है और अधिकांश जांच रिपोर्ट सामान्य आई हैं।
बताया जा रहा है कि वह संगरूर में महाशिवरात्रि से जुड़े कार्यक्रमों में भी शामिल हो रहे थे, जहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई।
रैली के बाद बड़ी बैठक की चर्चा
मोगा रैली ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं जोरों पर हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि रैली के बाद पार्टी की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का ऐलान किया जा सकता है। इस बैठक में सभी AAP विधायकों, हलका प्रभारियों और हाल ही में गठित विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि बैठक को मनीष सिसोदिया संबोधित कर सकते हैं। यह भी चर्चा है कि कैबिनेट फेरबदल में कुछ नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है, यहां तक कि किसी ऐसे नेता को भी उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है जो वर्तमान मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं है।
चुनाव में लगभग एक वर्ष का समय शेष होने के बीच मोगा रैली और इसके बाद होने वाली बैठक को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।













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