डेस्क : देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। हाल के दिनों में ईंधन की दरों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 के मध्य से शुरू हुई मूल्य वृद्धि की प्रक्रिया के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई चरणों में बढ़ोतरी हुई है। कुछ ही दिनों के भीतर कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 7 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद देश के कई प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास या उससे ऊपर पहुंच गए हैं, जबकि डीजल की कीमतें भी लगातार ऊंची बनी हुई हैं।
तेल विपणन कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) द्वारा किए गए इन संशोधनों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आपूर्ति दबाव से जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के भू-राजनीतिक तनावों और कच्चे तेल की लागत में वृद्धि का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है।
पिछले लगभग चार वर्षों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी रही थी, लेकिन अब लगातार हो रही बढ़ोतरी ने इस स्थिति को बदल दिया है। इससे परिवहन लागत में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है, जिसका असर आने वाले समय में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी महंगाई को और तेज कर सकती है, क्योंकि परिवहन और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से दैनिक उपभोग की वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं।













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