डेस्क : मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार कंपनी इस प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस मई २०२६ में दाखिल कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज इस समय निवेश बैंकों के साथ मिलकर जियो प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। पहले यह दस्तावेज मार्च तक दाखिल किए जाने की संभावना थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर मई में दाखिल करने की योजना बनाई जा रही है।
पूरे वित्तीय वर्ष के परिणामों के साथ फाइलिंग की तैयारी
जानकारी के अनुसार कंपनी इस बार वित्त वर्ष २०२५-२६ के पूरे वित्तीय परिणामों को शामिल करते हुए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर सकती है, ताकि निवेशकों को जियो के कारोबार और प्रदर्शन की अधिक स्पष्ट तस्वीर मिल सके।
बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम बनने की संभावना
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि जियो का यह प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है। कंपनी का संभावित मूल्यांकन एक सौ से एक सौ सत्तर अरब डॉलर के बीच आंका जा रहा है। शुरुआती चरण में कंपनी लगभग दो दशमलव पांच प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री पर विचार कर सकती है।
लंबे समय से चल रही तैयारी
जियो प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज लंबे समय से रणनीतिक तैयारी कर रही है। इससे पहले संकेत मिले थे कि कंपनी दो हजार छब्बीस की पहली छमाही में लिस्टिंग का लक्ष्य रख सकती है।
निवेशकों की नजरें टिकीं
जियो देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक है और इसके प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम को भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटना माना जा रहा है। अब सभी की नजरें ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल होने और कंपनी की आगामी आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।













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