मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में संभावित टूट की अटकलें हैं। कहा जा रहा है कि जल्द ही अजित गुट के कई नेता चाचा शरद पवार की अगुवाई वाली पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर अब तक कुछ नहीं कहा गया है। राज्य में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अजित की अगुवाई वाली एनसीपी के पिंपरी चिंचवड़ इकाई के प्रमुख अजित गव्हाने सीनियर पवार के साथ जा सकते हैं। खास बात है कि गव्हाने ने भोसारी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि पार्टी भोसारी सीट एनसीपी को नहीं देगी।
गव्हाने के साथ-साथ 15 से ज्यादा पूर्व पार्षद भी एनसीपी (एसपी) का हिस्सा बन सकते हैं। खबरें हैं कि गव्हाने और पूर्व पार्षदों का एक समूह शनिवार के शरद पवार के पुणे स्थित आवास पर मिलने पहुंचा था। जबकि, गव्हाने ऐसी किसी मुलाकात से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह हाल ही में अजित से मिले थे और भोसारी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।
जब पूछा गया कि अगर अजित की तरफ से उन्हें ग्रीन सिग्नल नहीं मिलता है, तो क्या वह पार्टी छोड़ देंगे। इसपर उन्होंने अंग्रेजी अखबार को बताया, ‘अब तक मेरे नेता ने रेड सिग्नल नहीं दिखाया है। ऐसे में अभी मैं इसपर कोई कमेंट नहीं करना चाहता हूं। लेकिन एक बात साफ है कि मैं भोसारी सीट से चुनाव लड़ने का फैसला कर चुका हूं।’ रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव के लिए ज्यादा समय नहीं बचे होने के चलते गव्हाने जल्द ही एनसीपी छोड़ देंगे। हालांकि, एनसीपी गव्हाने और या किसी पूर्व पार्षद के पार्टी छोड़ने की बात से इनकार कर रही है।
भोसारी सीट
इस सीट पर बीते दो चुनावों से भाजपा के महेश लांडगे चुनाव जीत रहे हैं। खास बात है कि गव्हाने और लांडगे रिश्तेदार ही है, लेकिन गव्हाने ने लांडगे के भाई को भोसारी से ही 2017 में निकाय चुनाव में मात दी थी। अखबार से बातचीत में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद सीमा सावले का कहना है, ‘मुझे नहीं लगता कि भाजपा एनसीपी के लिए भोसारी सीट छोड़ेगी।’
उन्होंने कहा, ‘महेश लांडगे की लोकप्रियता को देखते हुए भोसारी एक सुरक्षित सीट है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में भोसारी सीट ही थी, जहां से भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन के उम्मीदवार शिवाजी राव अधलराव-पाटिल आगे चल रहे थे। जबकि, अन्य सभी सीटों पर वह एनसीपी (एसपी) उम्मीदवार से पीछे थे।’
उन्होंने कहा, ‘जैसी अटकलें हैं, अगर अजित गव्हाने मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला कड़ा होगा। लांडगे और गव्हाने की जंग रोमांचक होगी, लेकिन ये सभी सिर्फ अटकलें हैं।













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