नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है कि सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (Border Area Development Programme – BADP) के तहत वित्त वर्ष 2004-05 से अब तक 39,000 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। यह कार्यक्रम देश के सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाया गया।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में बताया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य सीमा क्षेत्रों में विकास की कमी को दूर करना और वहां के निवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर
इस कार्यक्रम के तहत सरकार ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है, जिनमें शामिल हैं—
- सड़क और पुल निर्माण
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- स्कूल, आंगनवाड़ी और छात्रावास का निर्माण
- पेयजल, कृषि और आजीविका से जुड़े प्रोजेक्ट
यह योजना अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में लागू की गई, जिसमें 16 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेश शामिल रहे।
‘सनसेट फेज’ में पहुंचा कार्यक्रम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि BADP अब अपने अंतिम चरण यानी “सनसेट फेज” में है। अब नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के बजाय पहले से स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
नई योजना की ओर बढ़ता कदम
सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम शुरू किया है। इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में कनेक्टिविटी, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करना है।
निष्कर्ष:-कुल मिलाकर, 39 हजार से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास का एक मजबूत आधार तैयार किया है। अब नई योजनाओं के जरिए इन क्षेत्रों को और अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।













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