नई दिल्ली.भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट-2024 बताती है कि लोगों को शेयर बाजार से अच्छा रिटर्न मिल रहा है, जो किसी भी बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले ब्याज से कहीं ज्यादा है। सामान्य तौर पर बैंकों में सात से आठ प्रतिशत का सालाना रिटर्न मिल रहा है, लेकिन शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों को तगड़ा रिटर्न मिला है। इसलिए लोग बचत को बैंकों में रखने की जगह जोखिम वाले शेयर बाजार में लगा रहे हैं।
निफ्टी में पैसा लगाने वालों को मिला रिटर्न
एक साल में निफ्टी 50 ने 29, निफ्टी मिडकैप 150 ने 56, निफ्टी स्मालकैप 250 ने 63 और निफ्टी माइक्रोकैप 250 ने 85 पर्सेंट का रिटर्न दिया है। जबकि, पिछले दो साल की बात करें तो निफ्टी 50 ने 13 पर्सेंट का रिटर्न दिया है। इस अवधि में निफ्टी मिडकैप 150 ने 26, निफ्टी स्मालकैप 250 ने 23 और निफ्टी माइक्रोकैप 250 ने 37 फीसद का रिटर्न दिया है
सेंसेक्स, निफ्टी नए रिकॉर्ड स्तर पर
वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच घरेलू स्तर पर बैंक एवं आईटी शेयरों में खरीदारी आने से सोमवार को सेंसेक्स 443 अंक बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,100 अंक से ऊपर रहा। सेंसेक्स 79,476.19 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 528.27 अंक उछलकर 79,561 पर पहुंच गया था।
निफ्टी 131.35 अंक बढ़कर 24,141.95 अंक के अपने उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 24,164 तक पहुंच गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में हासिल 24,174 के सर्वकालिक उच्चतम स्तर से मात्र 10 अंक कम है।
बाजार क्यों है गुलजार
बैंकों का फंसा कर्ज 12 साल के स्तर से कम हुआ।
पूर्ण बजट में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद।
जुलाई में कंपनियां का तिमाही नतीजे शुरू होंगे।
विदेशी निवेशकों की वापसी, जून में 26,565 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी मुद्रास्फीति में कमी ने सितंबर में फेडरल रिजर्व की तरफ से दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ाई हैं। इस उम्मीद ने आईटी शेयरों के मजबूत प्रदर्शन में योगदान दिया। इसके साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय बाजार में वापसी की है और जून में अपना निवेश बढ़ा दिया है। इससे निवेशकों की उम्मीदें जगी हैं। बाजार में तेजी जारी रहेगी।













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