डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध के कारण विश्वप्रसिद्ध बीकानेरी नमकीन का निर्यात प्रभावित होने लगा है। खासकर खाड़ी और यूरोपीय देशों में निर्यात धीमा पड़ गया है, जिससे व्यापारियों और निर्यातकों में चिंता बढ़ गई है।
निर्यात में व्यवधान
बीकानेर से हर महीने लगभग 15‑20 कंटेनर भुजिया, पापड़ और अन्य नमकीन विदेश भेजे जाते हैं। हाल ही में युद्ध के कारण यह निर्यात रुक गया है। कई खेपें समुद्री मार्ग पर या बंदरगाहों पर अटकी हुई हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, कंटेनरों की कमी और लॉजिस्टिक्स में देरी इस समस्या का मुख्य कारण है।
उत्पादन लागत में बढ़ोतरी
कच्चे माल, विशेषकर खाद्य तेल, सोयाबीन और अन्य आवश्यक सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत बढ़ी है। इसके साथ ही पैकेजिंग और ढुलाई की लागत में वृद्धि ने व्यापार पर दबाव डाल दिया है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, तेल और अन्य सामग्री की कीमतों में 20-30% की बढ़ोतरी हुई है।
मांग बनी हुई, आपूर्ति रुक
खाड़ी और यूरोप में बीकानेरी नमकीन की मांग लगातार बनी हुई है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के कारण निर्यातकों को वित्तीय दबाव झेलना पड़ रहा है।
भविष्य की चुनौतियाँ
व्यापारी और उद्योग संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि अगर स्थिति इसी तरह बनी रही, तो भुजिया और अन्य नमकीन के दाम घरेलू स्तर पर बढ़ सकते हैं। पीक निर्यात सीज़न की तैयारी प्रभावित होने से उद्योग पर लंबी अवधि का असर पड़ सकता है।













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