नालासोपारा (मुंबई) उपासक महावीरजी संचेती, मिश्रीमलजी नंगावत- अनिलजी चंडालिया-उधना कीआध्यात्मिक मंगलमय उपस्थिति अणुव्रत दिवस की शुरुवात मारू हॉल महेश पार्क नालासोपारा पूर्व में हुई सभा सह मंत्री महेंद्र जी सोलंकी ने स्वागत किया उपासक महावीर जी संचेती नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम की शुरुवात की चोबीस तीर्थंकर परमेष्ठि वंदना प्रातः उठकर परमेष्ठि वंदन करू सदा निष्काम शांति रहेगी आठोयाम का संगान किया। तत्पश्चात पार्स्वनाथ स्तुति उव्वगसर श्रोत्र का पांच बार जाप करवाया। अणुव्रत गीत हम अनुव्रत अपनाए महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण की शानदार प्रस्तुति हुई ।।।।उपासक अनिल जी चंडालिया ने अणुव्रत उद्बोधन दिया अणु यानी छोटा व्रत यानी नियम त्याग तपस्या में भी छोटे छोटे नियम लेना अणुव्रत है छोटे व्रत से भी आत्मशक्ति बढ़ती है हमारे कषाय दूर होते हे छोटे छोटे नियम से हम साधना कर सकते है ये नियम हमारे जीवन में लेना बहुत जरूरी हे हम शाकाहारी बने हम अहिंसक बने बारहव्रती केसे बने अच्छे से समझाया।। उपासक मिश्रीमल ने आचार्य श्री महाश्रमण जी की पुस्तक 18 पाप के बारे में बताता 18 पाप जानो और छोड़ो और नरक गति के बारे में बताता 7 नरक गति होती हे 1 रत्नप्रभा 2 शर्करा प्रभा 3 बालुका प्रभा 4 पंख प्रभा 5 धूम प्रभा 6 तम प्रभा 7महातम प्रभा इन सात नरक में हमारा जीव पाप कर्मों से कैसे जाता है, केसे बचना है विस्तार से बताया परिग्रही बनना अनुव्रति बनना ज्यादा से ज्यादा बारह व्रती बनना ममन सेठ और राजा श्रेणिक की कहानी के माध्यम से समझाया चार चीजे दुर्लभ हे 1मनुष्य 2श्रुत3श्रद्धा 4संयम भगवान ऋषभ देव की कहानी के माध्यम से बताया।
सभा अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जी धाकड़ ने आभार ज्ञापित किया। सभी सूचना कमलेश खाब्या ने दी।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत





पर्युषण महापर्व
की आध्यात्मिक मंगल कामना