डेस्क:रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने बुधवार को कहा कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश की योजना के तहत पूर्ण-स्वामित्व वाली नई सब्सिडयरी कंपनी-रिलायंस इंटेलिजेंस लिमिटेड की स्थापना की है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसे इस संबंध में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से नौ सितंबर को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिल गया। बता दें कि रिलायंस ने पिछले महीने हुई अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में एआई पर केंद्रित एक नई सब्सिडयरी कंपनी बनाने की घोषणा की थी।
कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एजीएम में कहा था कि ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ देशभर में गीगावॉट स्तर के एआई-सक्षम डेटा सेंटर विकसित करेगी, जिन्हें ग्रीन एनर्जी से संचालित किया जाएगा। इन डेटा सेंटर का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर एआई प्रशिक्षण और निष्कर्ष निकालने की जरूरतों के लिए किया जाएगा।
क्या होगा कंपनी का काम?
रिलायंस इंडस्ट्रीज की नई सब्सिडयरी चार मिशनों पर केंद्रित होगी। यह देश में अगली पीढ़ी की एआई अवसंरचना तैयार करने, वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने, भारत के लिए एआई सेवाओं के निर्माण और एआई प्रतिभा के विकास के लिए काम करेगी। गुजरात के जामनगर में गीगावॉट स्तर के एआई डेटा सेंटर बनाने का काम शुरू हो गया है। इन केंद्रों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा और इन्हें रिलायंस के नए ऊर्जा परिवेश से ऊर्जा आपूर्ति की जाएगी।
अगस्त में हुई बैठक
आपको बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों की सालाना आम बैठक अगस्त में हुई थी। इस बैठक में अंबानी ने अपने जुड़वां बच्चों आकाश और ईशा (33) को क्रमशः दूरसंचार और खुदरा क्षेत्रों के लिए व्यावसायिक योजना प्रस्तुत करने का मौका दिया। दोनों पहले भी एजीएम में मौजूद रहे थे, लेकिन यह पहली बार था जब उन्होंने सिर्फ तकनीक या उपकरणों का प्रदर्शन करने के बजाय व्यावसायिक विवरण पेश किया। सबसे छोटे अनंत (30) को मई में रिलायंस के बोर्ड में कार्यकारी निदेशक बनाया गया था। उन्होंने शेयरधारक बैठक में अपनी शुरुआत करते हुए कारोबार के बारे में जानकारी दी, जिससे संकेत मिला कि उनकी भूमिका पहले से कहीं बड़ी हो गई है।













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