डेस्क:पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाए जाने पर जाहिर की जा रही चिंताओं को मोदी सरकार ने खारिज किया है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि ऐसे दावे गलत हैं कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से माइलेज कम हो रहा है और इंजन पर बुरा असर पड़ता है। लेकिन उन्होंने एक बड़ा संकेत यह भी दिया कि शायद अब एथेनॉल की मात्रा को 20 फीसदी तक ही सीमित रखा जाएगा। इसकी लिमिट बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है। हरदीप पुरी ने कहा कि 2014 में पेट्रोल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग 1.4 फीसदी थी, जो फिलहाल 20 फीसदी तक हो गई है। अब मैं कहूंगा कि फुल स्टॉप हो जाना चाहिए।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कई बार घिरते दिखे हैं। उन पर सोशल मीडिया पर कई बार बार आरोप लगाए गए कि वह एथेनॉल को इसलिए बढ़ावा दे रहे हैं क्योंकि उनके बेटे यही कारोबार करते हैं। इसके अलावा उनके बेटे निखिल की कंपनी को हुए मुनाफे का भी जिक्र किया गया। इस पर नितिन गडकरी ने सफाई दी थी कि एथेनॉल से किसानों को फायदा हो रहा है। इसके अलावा पर्यावरण के लिहाज से भी यह बेहतर है। नितिन गडकरी ने तंज कसते हुए यहां तक कहा था कि मेरे पास महीने में 200 करोड़ रुपये कमाने वाला दिमाग है। उन्होंने कहा कि मैं ईमानदारी से खूब कमा सकता हूं। फिर मुझे कुछ भी गलत करने की जरूरत ही क्या है।
अब इसी पर हरदीप सिंह पुरी ने बात की और लोगों की चिंताओं को दूर किया। पुरी ने कहा कि अब हमें आकलन करना होगा कि कहां जाना है। अब तक जो भी जानकारी आई है कि एक नई छलांग लगने वाली है, वह सब गलत है। अभी हम किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं। दरअसल एक अंतर मंत्रालयी समिति में इस बात पर विचार चल रहा है कि क्या 2030 तक एथेनॉल की मात्रा को 30 फीसदी तक किया जा सकता है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एथेनॉल को लेकर भी जो भी चर्चाएं चल रही हैं, वे गलत हैं। उन्होंने कहा कि ऑटोमेकर्स ने इसे लेकर कोई स्पष्ट राय नहीं दी थी। इसके चलते भी दिक्कतें हुईं और लोगों में आशंका पैदा हुई।













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