डेस्क: पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति ने देश को कंगाल बना दिया है और इसके चलते यह पैसे के लिए किसी भी हद तक जाने को मजबूर नजर आता है। भारी चीनी कर्ज के बोझ तले दबा यह देश अब बीजिंग पर निर्भर हो चुका है, और इस निर्भरता का सबसे दर्दनाक उदाहरण हाल ही में सामने आया है। सीमावर्ती इलाकों की नाबालिग लड़कियों को ‘दुल्हन बाजार’ में महज 700 डॉलर में चीनी पुरुषों को बेचा जा रहा है।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, यह अमानवीय प्रथा पाकिस्तान की गरीबी और सीमांत क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति का नतीजा है। दूरदराज़ गांवों में परिवार अपनी बेटियों की शादी अमीर चीनी पुरुषों से मामूली राशि के बदले करने को मजबूर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी और पाकिस्तानी बिचौलियों के गिरोह लाचार माता-पिता को 700 से 3200 डॉलर (लगभग 2 से 9 लाख पाकिस्तानी रुपये) तक की पेशकश करते हैं, जबकि दलाल खुद 25,000 से 65,000 डॉलर तक कमाते हैं।
सोशल मीडिया पर ‘डेढ़ लाख में पत्नी’ या ‘मुफ्त में ससुराल’ जैसे मीम्स वायरल होते हैं, लेकिन इन पर मज़ाक करना स्थिति की क्रूरता को नहीं छुपा सकता। खासकर ईसाई बहुल सीमावर्ती क्षेत्रों में गरीबी के चलते परिवार अपनी नाबालिग बेटियों को शादी के नाम पर चीनी खरीदारों के हवाले कर रहे हैं। कभी-कभी बीमार माता-पिता या भाई-बहन भी इस प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं।
जांच एजेंसियों ने पाया कि अधिकांश शिकार लड़कियों की उम्र 12 से 18 साल के बीच है और वे मुख्य रूप से ईसाई समुदाय से हैं। 629 से अधिक मामलों की पुष्टि की गई है, जहां संगठित गिरोहों ने ‘विवाह’ के बहाने नाबालिग लड़कियों को चीन भेजा। जांच में यह भी सामने आया कि वहां ये लड़कियां मजदूरी के लिए बंधुआ बन जाती हैं या अपनों द्वारा ही वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेल दी जाती हैं।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
