डेस्क : राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मामले की पड़ताल तेज कर दी है। जांच के दौरान टीम ने देर रात तक मंदिर से जुड़े दस्तावेजों, अभिलेखों और डिजिटल रिकॉर्ड का परीक्षण किया तथा महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित किया।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, दान पेटियों की निगरानी व्यवस्था और चढ़ावे की गणना से संबंधित रिकॉर्ड की गहन जांच की। जांच एजेंसियों ने उपलब्ध डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए नौ पेन ड्राइव में महत्वपूर्ण डेटा संग्रहित किया है, ताकि भविष्य में साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना न रहे।
बताया जा रहा है कि जांच टीम ने मंदिर परिसर में कार्यरत कर्मचारियों, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों तथा चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल व्यक्तियों से भी पूछताछ की है। अब तक बड़ी संख्या में लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और कुछ व्यक्तियों से एक से अधिक बार पूछताछ की गई है।
एसआईटी का ध्यान विशेष रूप से दान पेटियों से प्राप्त धनराशि की गणना, उसके रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्रित है। जांच के दौरान सीसीटीवी प्रणाली और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में निगरानी व्यवस्था से संबंधित संभावित अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात भी सामने आई है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और आस्था से जुड़े इस मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है। जांच एजेंसियां प्रत्येक पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे प्रकरण की वास्तविकता सामने लाई जा सके।













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