डेस्क:8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस सामने आने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच फैली आशंकाओं पर अब सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए कुछ संदेशों में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने रिटायर कर्मचारियों से जुड़े कई अहम लाभ खत्म कर दिए हैं। इनमें महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी, पेंशन संशोधन और भविष्य में 8वें वेतन आयोग का लाभ न मिलने जैसी बातें कही गईं, जिससे लाखों पेंशनर्स अनावश्यक चिंता में आ गए।
सरकार ने दावों को बताया भ्रामक
वायरल संदेशों में यह भी कहा गया था कि Finance Act 2025 के जरिए पेंशनर्स के लिए DA हाइक और वेतन आयोग से जुड़ी सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं। इन दावों पर सरकार की फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB फैक्ट चेक ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन्हें पूरी तरह झूठा और भ्रामक करार दिया है। PIB ने साफ किया है कि पेंशनर्स के हितों में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है।
पहले की तरह मिलते रहेंगे सभी लाभ
PIB फैक्ट चेक के अनुसार, केंद्रीय पेंशनर्स को पहले की तरह सभी निर्धारित लाभ मिलते रहेंगे। इसमें भविष्य में वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर पेंशन का संशोधन और हर साल जनवरी व जुलाई में महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी शामिल है। सरकार ने पेंशनर्स से अपील की है कि पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक घोषणाओं और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।
भ्रम की असली वजह क्या है
दरअसल, यह गलतफहमी CCS (Pension) Rules, 2021 में किए गए एक सीमित संशोधन के कारण फैली। PIB के मुताबिक, Rule 37 में बदलाव केवल उन कर्मचारियों पर लागू होता है, जिन्हें PSU में समायोजन के बाद गंभीर कदाचार के कारण सेवा से बर्खास्त किया गया हो। इसका सामान्य पेंशनर्स से कोई संबंध नहीं है। सरकार ने संसद में भी स्पष्ट किया है कि पेंशन 8वें वेतन आयोग के दायरे में ही रहेगी। हालांकि फिलहाल DA और DR को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और इस पर अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद, यानी करीब 2027 में लिया जा सकता है।













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