चेन्नई :विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना पड़ोसी देश पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर किसी के निर्देश स्वीकार नहीं करेगा और आत्मरक्षा के लिए जरूरी हर कदम अपने विवेक से उठाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने वाले देशों को “अच्छे पड़ोसी” जैसा व्यवहार मिलने की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
पीटीआई के अनुसार, आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने भारत की पड़ोस नीति को “कॉमन सेंस” पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि भारत अच्छे पड़ोसियों के साथ निवेश करता है, मदद करता है और संसाधन साझा करता है। हाल ही में वे बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने ढाका गए थे, जो भारत-बांग्लादेश संबंधों की संवेदनशीलता और सम्मान का उदाहरण है।
जयशंकर ने कहा कि भारत ने कोविड महामारी और यूक्रेन संकट के दौरान वैक्सीन, ईंधन और खाद्य सहायता के जरिए अपने पड़ोसियों की मदद की। उन्होंने श्रीलंका के आर्थिक संकट के समय दी गई सहायता का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति पूरे क्षेत्र के लिए “बढ़ती हुई लहर” की तरह है। उनके अनुसार, अधिकांश पड़ोसी देश यह मानते हैं कि भारत के विकास के साथ उनका भी विकास जुड़ा है।
पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि यदि कोई देश जानबूझकर, लगातार और बिना पश्चाताप के आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत इस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेगा, यह वह स्वयं तय करेगा और कोई बाहरी ताकत उसे यह नहीं बताएगी कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
जल बंटवारे के मुद्दे पर भी जयशंकर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अतीत में भारत ने सद्भावना के तहत जल साझा करने जैसे समझौते किए, लेकिन दशकों तक आतंकवाद को प्रोत्साहित करने से अच्छे पड़ोसी की भावना समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि कोई देश एक ओर आतंकवाद जारी रखे और दूसरी ओर अच्छे पड़ोसी जैसा लाभ मांगे—यह स्वीकार्य नहीं है।
विदेश मंत्री के इस बयान को भारत की स्पष्ट और सख्त पड़ोस नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सहयोग और सद्भावना के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

