संयुक्त राष्ट्र: कई हफ्तों से बढ़ते तनाव के बाद गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और ईरान के शीर्ष अधिकारी आमने-सामने आए। बैठक के दौरान अमेरिका ने ईरान में देशव्यापी प्रदर्शनों पर की गई हिंसक कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया, जबकि ईरानी असंतुष्टों ने भी तेहरान सरकार की तीखी आलोचना की।
अमेरिका और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईरान में सरकार के दमन में अब तक कम से कम 2,637 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद ईरानी असंतुष्टों ने सुरक्षा परिषद को सरकार की “खूनी कार्रवाई” की जानकारी दी।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कड़े शब्दों में कहा,
“राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कार्रवाई में विश्वास रखते हैं, संयुक्त राष्ट्र की तरह अंतहीन चर्चाओं में नहीं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि इस नरसंहार को रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं और ईरानी शासन के नेतृत्व को यह बात सबसे अच्छी तरह समझनी चाहिए।”
वॉल्ट्ज की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर अमेरिकी जवाबी कार्रवाई की आशंका बनी हुई है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि हिंसा शायद अब थम रही है। गुरुवार तक प्रदर्शन कमजोर पड़ते दिखे, लेकिन ईरान में सरकार द्वारा लगाया गया इंटरनेट और संचार प्रतिबंध अब भी जारी रहा।
अमेरिका के अनुरोध पर बुलाई गई इस आपात बैठक में दो ईरानी असंतुष्ट—मसीह अलीनेजाद और अहमद बातेबी—को परिषद को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया। दोनों ने ईरानी शासन द्वारा किए गए उत्पीड़न और अत्याचारों के भयावह अनुभव साझा किए।
बैठक के दौरान एक बेहद भावुक क्षण तब आया, जब मसीह अलीनेजाद ने सीधे ईरान के प्रतिनिधि को संबोधित करते हुए कहा,
“आपने मुझे तीन बार मारने की कोशिश की। मैंने अपने घर, ब्रुकलिन में, अपने बगीचे के सामने अपने हत्यारे को अपनी आंखों से देखा है।”
इस दौरान ईरानी प्रतिनिधि बिना किसी प्रतिक्रिया के सामने देखते रहे।
गौरतलब है कि अक्टूबर में दो कथित रूसी अपराधियों को न्यूयॉर्क में अलीनेजाद की हत्या की साजिश रचने के आरोप में 25-25 साल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह साजिश ईरानी सरकार के इशारे पर रची गई थी।
अहमद बातेबी ने ईरानी जेलों में झेली गई यातनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे जेल प्रहरी उनके शरीर पर गहरे घाव कर उन पर नमक डालते थे। उन्होंने कहा,
“अगर आपको मेरी बात पर विश्वास नहीं है, तो मैं अभी अपना शरीर दिखा सकता हूं।”
दोनों असंतुष्टों ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद से ईरान को उसके मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की। बातेबी ने राष्ट्रपति ट्रंप से खास तौर पर अनुरोध किया कि वे ईरानी जनता को अकेला न छोड़ें।
उन्होंने कहा, “आपने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए प्रोत्साहित किया, यह अच्छी बात थी। लेकिन उन्हें अकेला मत छोड़िए।”
बैठक से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस से फोन पर बातचीत की। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, अराघची ने गुटेरेस से उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र ईरान के खिलाफ “अवैध अमेरिकी हस्तक्षेप” की निंदा करने में अपनी भूमिका निभाएगा।
इस बीच अमेरिका ने प्रदर्शन दमन में शामिल ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की। वहीं, जी-7 देशों और यूरोपीय संघ ने भी कहा कि वे ईरान की धार्मिक सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं।













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