डेस्क: शिवसेना नेता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) की हार पर तीखा तंज कसा है। शनिवार को उन्होंने कहा,
“महाराष्ट्र की राजनीति में अगर कोई जयचंद है, तो वह यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे हैं। २०१९ में उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा के साथ गद्दारी की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस और शरद पवार से हाथ मिलाया। यही जयचंदी प्रवृत्ति है, जिसके कारण उनकी पार्टी उनके हाथ से पूरी तरह निकल गई। वहीं एकनाथ शिंदे बहादुर और प्रतिबद्ध शिव सैनिक हैं, जिन्होंने शिवसेना को उसके मूल विचारधारा पर वापस लाया और भाजपा के साथ हिंदुत्व आधारित सरकार बनाई।”
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने भी चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“मुंबई के लोगों ने, राष्ट्रभक्त लोगों ने भाजपा और महायुति को अपना समर्थन दिया और विश्वास जताया। हमने विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर चुनाव लड़ा था। मुझे विश्वास है कि हम इन क्षेत्रों में काम करके मुंबई के इस विश्वास को और मजबूत करेंगे।”
वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा,
“भाजपा अपने सभी घटक दलों को धीरे-धीरे खत्म कर रही है। अजीत पवार और एकनाथ शिंदे को यह विचार करना चाहिए। हम जहां थे वहीं खड़े हैं, लेकिन शिंदे और पवार को देखना चाहिए कि उनके घटक दल कहां खड़े हैं, जिनका अस्तित्व अब लगभग खत्म हो गया है। बीएमसी में जहां शिवसेना का झंडा फहरता था, वहां ४५ साल बाद उनका कब्जा खत्म हो गया। चाहे वह एकनाथ शिंदे हों या उद्धव ठाकरे, दोनों को इस पर विचार करना चाहिए। यही हाल एनसीपी का भी है। भाजपा अपने घटक दलों को खत्म करती है।”













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