स्पोर्ट्स डेस्क : 2026 के ICC टी20 विश्व कप में पाकिस्तान की टीम द्वारा भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले ग्रुप‑स्टेज मैच को बॉयकॉट करने के फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी, जिससे बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया है।
पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने इस रुख की तीखी आलोचना की है और माना है कि यह फैसला स्थायी नहीं रहेगा। 1983 वर्ल्ड कप विजेता मादन लाल ने कहा, “खिलाड़ियों और क्रिकेट के हितों को नजरअंदाज करना सही नहीं है। मैदान पर खेलना ही सच्चा रास्ता है। विरोध जताने का फैसला पाकिस्तान की क्रिकेट छवि के लिए हानिकारक है।”
पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने कहा कि मौजूदा स्थिति राजनीतिक दबाव का नतीजा है और यह लंबा नहीं टिकेगा। उन्होंने अंदाजा लगाया कि पाकिस्तान यू‑टर्न ले सकता है और मैच खेलने का फैसला बदल सकता है। चेतन ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने ICC को अभी तक अपने बहिष्कार का कोई आधिकारिक पत्र नहीं भेजा है।
पूर्व गेंदबाज अतुल वासन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर ज़रूरी हो तो मैच किसी अन्य स्थल पर कराया जा सकता है, ताकि खेल प्रभावित न हो।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ICC को कोई औपचारिक पत्र नहीं दिया है, लेकिन सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि टीम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी। ICC ने चिंता जताते हुए कहा है कि किसी भी टीम का चुनिंदा मैचों से भागना प्रतियोगिता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला खेल और राजनीतिक दबाव के बीच संतुलन की कमी का परिणाम है। दिग्गज खिलाड़ियों का मानना है कि जल्द ही PCB अपने रुख में बदलाव कर सकता है और विश्व कप का प्रतिष्ठित मुकाबला शुरू से ही जारी रह सकता है।
आर्थिक असर:
भारत और पाकिस्तान के बीच मैच ICC और प्रसारकों के लिए आर्थिक रूप से अहम होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बहिष्कार जारी रहा, तो PCB को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पाकिस्तान का यह बहिष्कार निर्णय क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। क्रिकेट जगत की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पाकिस्तान कब और किस तरह अपने फैसले पर पुनर्विचार करता है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

