डेस्क : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सुदृढ़ करने के बाद अब बड़े शहरों में रैलियों और रोड शो की तैयारी कर रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में पदाधिकारियों की बैठक में निर्देश दिया कि बूथ स्तर पर कमेटियों के गठन का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि चुनावी तैयारी समय रहते मजबूत आधार पर खड़ी की जा सके।
कांशीराम जयंती पर शक्ति प्रदर्शन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती 15 मार्च को पार्टी लखनऊ और नोएडा में दो बड़े आयोजनों के माध्यम से मनाएगी। लखनऊ के ईको गार्डेन में 12 मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटेंगे, जबकि नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में छह मंडलों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। होली के बाद इन कार्यक्रमों की तैयारियां तेज की जाएंगी।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मायावती कार्यकर्ताओं को विशेष संदेश देंगी। इसे 2027 चुनाव के लिए औपचारिक राजनीतिक बिगुल के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बसपा अपने मुद्दों को स्पष्ट करते हुए एक बार फिर ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के फार्मूले को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। मायावती पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि बसपा आगामी चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी।
संगठन विस्तार पर जोर
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार अप्रैल तक संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में कमेटियों की समीक्षा जारी है। बसपा ने 1600 टीमों का गठन कर उन्हें गांव-गांव जाकर समर्थकों को सक्रिय करने और नए मतदाताओं को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी है।
14 अप्रैल को भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों के भी निर्देश दे दिए गए हैं। अप्रैल के अंतिम सप्ताह से रैलियों और रोड शो की विस्तृत कार्ययोजना लागू की जाएगी। युवाओं के बीच पकड़ मजबूत करने के लिए मायावती के भतीजे आकाश आनंद को अहम जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है।
बजट पर सरकार को घेरा
इस बीच मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को लोकलुभावन करार देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बजट में सर्वसमाज के समग्र विकास और वास्तविक उत्थान की स्पष्ट झलक नहीं दिखती।
मायावती ने कहा कि घोषणाओं और आश्वासनों का महत्व तभी है, जब उन्हें समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, अन्यथा वे केवल कागजी साबित होंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि पिछले बजट के क्रियान्वयन का पारदर्शी और ठोस विवरण प्रस्तुत किया जाता, तो वर्तमान बजट भाषण अधिक विश्वसनीय होता।
बसपा सुप्रीमो ने प्रदेश में स्थायी रोजगार सृजन पर बल देते हुए कहा कि युवाओं को नियमित आय के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार, केवल सुर्खियां बटोरने वाले प्रावधानों से जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं होंगी।













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