डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह इजरायल की यात्रा पर जा सकते हैं। यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2017 में ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के बाद लगभग नौ वर्षों में यह उनका पहला दौरा होगा। ऐसे समय में यह यात्रा हो रही है जब दोनों देशों के बीच सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और अत्याधुनिक तकनीकों में सहयोग को नई दिशा देने की कोशिशें तेज हैं।
हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 24-25 फरवरी को इजरायल रवाना हो सकते हैं। स्वयं नेतन्याहू ने हाल ही में इस संभावित दौरे के संकेत दिए हैं।
मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गेनाइजेशंस के प्रेसिडेंट्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने भारत-इजरायल संबंधों को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह नरेंद्र मोदी इजरायल आने वाले हैं और दोनों देशों के बीच हर क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा होगी। नेतन्याहू ने भारत को एक शक्तिशाली और प्रभावशाली राष्ट्र बताते हुए कहा कि 1.4 अरब की आबादी वाला भारत वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में इजरायल के प्रति सकारात्मक भावना है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच वार्ता का मुख्य फोकस रक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को तेज करना होगा। हाल के वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया है।
इसके अतिरिक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, क्वांटम रिसर्च और उन्नत कृषि तकनीकों जैसे उभरते क्षेत्रों में भी नए समझौतों की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।













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