डेस्क : अभिनेता राजपाल यादव आठ दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देशानुसार उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
5 करोड़ का मामला कैसे पहुँचा 11 करोड़ तक?
राजपाल यादव के वकील ने 12 फरवरी को मीडिया से बातचीत में बताया था कि मूल विवाद 5 करोड़ रुपये का था, लेकिन ब्याज और अन्य देनदारियों के कारण यह राशि बढ़कर 11 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक इस मामले में 2.5 करोड़ रुपये अदा किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 1 करोड़ रुपये पहले रजिस्ट्री में जमा कराए गए थे।
आज 16 फरवरी को राजपाल यादव ने 1.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त डिमांड ड्राफ्ट जमा किया।
सुनवाई में क्या-क्या हुआ?
दोपहर 2 बजे:
सुनवाई शुरू हुई। अभिनेता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल बिना किसी शर्त के 1.5 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) के माध्यम से जमा करने को तैयार हैं।
कोर्ट की टिप्पणी:
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ही किया जाना है। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि 25 लाख रुपये का एक डिमांड ड्राफ्ट पहले से ही प्रतिवादी के नाम पर है और 75 लाख रुपये का एक अन्य डिमांड ड्राफ्ट पहले जमा किया जा चुका है।
कोर्ट की शर्त:
अदालत ने कहा कि यदि दोपहर 3 बजे तक 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कर दिया जाता है, तो राजपाल यादव को रिहा कर दिया जाएगा। अन्यथा, मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी की सुबह की जाएगी।
दोपहर 3 बजे:
निर्धारित समय पर डिमांड ड्राफ्ट जमा कर दिया गया, जिसके बाद अदालत ने राजपाल यादव की रिहाई का आदेश दे दिया।
आठ दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद अब अभिनेता को राहत मिल गई है, हालांकि मामले से जुड़ी आर्थिक देनदारियों का निपटारा अभी पूरी तरह बाकी है।













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